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Jaunpur Dhara 18-08-2026

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मंगरौरा ब्लॉक के 30 स्कूलों के विलय के विरोध में शिक्षक उतरे मैदान, बीएसए को सौंपा ज्ञापन

जौनपुर। परिषदीय विद्यालयों के विलय के प्रस्ताव का विरोध तेज होता जा रहा है। मंगलवार को मंगरौरा विकासखंड के शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को ज्ञापन सौंपकर विद्यालयों के एकीकरण के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी तथा नामांकन में कमी और ड्रॉपआउट दर बढ़ने की आशंका है।

30 विद्यालयों के एकीकरण पर जताई आपत्ति

ज्ञापन में कहा गया है कि मंगरौरा विकासखंड के लगभग 30 परिषदीय विद्यालयों के विलय का प्रस्ताव है। शिक्षकों के अनुसार यदि यह निर्णय लागू होता है तो छोटे बच्चों, विशेषकर छात्राओं को दूर स्थित विद्यालयों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

छात्राओं और छोटे बच्चों की बढ़ेंगी कठिनाइयाँ

शिक्षकों ने कहा कि बरसात, गर्मी और अन्य प्रतिकूल मौसम में दूर स्थित विद्यालय तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होगा। इससे बच्चों की नियमित उपस्थिति और शिक्षा का अधिकार प्रभावित हो सकता है। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ेगा।

ड्रॉपआउट बढ़ने की जताई आशंका

ज्ञापन में कहा गया है कि परिवहन की समस्या, छात्राओं की सुरक्षा और अभिभावकों की चिंताओं के कारण बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई छोड़ सकते हैं। इससे सरकार के शत-प्रतिशत नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

निर्णय वापस लेने की मांग

शिक्षकों ने मांग की कि विद्यालयों के विलय संबंधी प्रस्ताव पर पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल निरस्त किया जाए। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे विद्यालय शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इन्हें बंद करने के बजाय इनमें मूलभूत सुविधाएं और संसाधन बढ़ाए जाने चाहिए।

ज्ञापन पर बड़ी संख्या में शिक्षकों के हस्ताक्षर हैं। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।