डीएम ने सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में जल संरक्षण, चेकडैम निर्माण और नलकूपों के नियमित संचालन पर दिया जोर
जौनपुर। किसानों को सिंचाई के लिए समय से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन ने नहरों की सिल्ट सफाई निर्धारित समयसीमा में पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रोस्टर के अनुसार नहरों के टेल यानी अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को फसलों की सिंचाई में परेशानी न हो।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई व्यवस्था, जल संरक्षण और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नहरों की सफाई का काम तय समय के भीतर पूरा कराया जाए। सफाई में देरी से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नहरों में पानी के समुचित प्रवाह और किसानों तक उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
वर्षा जल संचयन और पुराने कुओं को पुनर्जीवित करने पर जोर
जल संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी ने सतही जल का अधिकाधिक उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद के आठ क्रिटिकल जोन वाले विकासखंडों में वर्षा जल संचयन, चेकडैम निर्माण और पानी रोकने के अन्य उपाय प्रभावी ढंग से लागू कराने को कहा। साथ ही पुराने कुओं को पुनर्जीवित करने और भूजल स्तर में सुधार के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में नलकूपों के संचालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने नलकूपों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने को कहा। सिंचाई से संबंधित कार्यों में आने वाली समस्याओं को भी प्राथमिकता से दूर करने पर जोर दिया गया।
भूमि विवादों का समन्वय से होगा निस्तारण
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सिंचाई संबंधी कार्यों में भूमि विवाद के कारण आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। ऐसे मामलों का नियमानुसार निस्तारण कर विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से प्रभावित होने से बचाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विपिन सिंह सहित विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


