जौनपुर। जनपद में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर समस्या लगातार बनी हुई है। भारत गैस एजेंसी पर गैस की किल्लत अब तक दूर नहीं हो सकी है, जिससे आम उपभोक्ताओं को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हालात यह हैं कि लोग सुबह-सुबह ही एजेंसी पर पहुंचकर लंबी कतारों में खड़े हो जाते हैं और घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं। इसके बावजूद कई बार उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पाता और निराश होकर घर लौटना पड़ता है। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और अधिक परेशानी भरी साबित हो रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के तहत एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव है। इसके बाद जब बुकिंग की जाती है, तो गैस की आपूर्ति 12 से 20 दिनों के बीच होती है। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक महीने से अधिक का समय लग जाता है, जिससे घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है।
कई परिवार ऐसे हैं जो पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं और उनके पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गैस की देरी उनके लिए बड़ी समस्या बन गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी स्तर पर प्रबंधन की कमी और आपूर्ति व्यवस्था में अनियमितता के कारण स्थिति बिगड़ रही है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि गैस आपूर्ति को नियमित किया जाए और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि लोगों को समय पर सिलेंडर मिल सके।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो उपभोक्ताओं की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।



