15 दिन में घोषणा लागू करने की मांग, लंबित प्रोत्साहन राशि के भुगतान की भी उठाई आवाज
जौनपुर। मानदेय बढ़ोतरी और लंबित प्रोत्साहन राशि के भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को आशा बहु कल्याण समिति के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह के नेतृत्व में दोपहर 12 से 2 बजे तक चले प्रदर्शन में करीब 300 आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह को सौंपा गया।
प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनियां लंबे समय से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में भी उनका योगदान है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से फरवरी में आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी। संगठन का दावा है कि इसके बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, चौकीदारों और शिक्षामित्रों सहित अन्य मानदेय कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की जा चुकी है, लेकिन आशा कार्यकर्ताओं के लिए घोषित बढ़ोतरी अभी लागू नहीं हुई है।
15 दिन में घोषणा लागू करने की मांग
आशा कार्यकर्ताओं ने फरवरी में की गई मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा को 15 दिन के भीतर लागू करने की मांग की। साथ ही मानदेय में उचित वृद्धि कर कार्य के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के टीबीआई भुगतान, वर्ष 2024-26 के टीबी मरीज और आशा इंसेंटिव तथा आभा आईडी बनाने के भुगतान का मुद्दा भी उठाया। संगठन का कहना है कि इन मदों का भुगतान अब तक लंबित है। उन्होंने सभी लंबित भुगतानों को शीघ्र जारी करने की मांग की।
मांग पूरी नहीं हुई तो लखनऊ में आंदोलन
प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आशा कार्यकर्ता लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लंबित भुगतान और मानदेय बढ़ोतरी से जुड़ी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।


