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जरूरतमंदों के बीच मनाया वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह का जन्मदिन

जौनपुर में वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह के जन्मदिन पर समर्थकों ने विभिन्न स्थानों पर सेवा एवं जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित किए। पौधरोपण, जरूरतमंदों को भोजन-सामग्री वितरण, पांच व्हीलचेयर उपलब्ध कराने और रक्तदान समेत कई गतिविधियां हुईं।
Homeअपना जौनपुरअधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू कराने को वकीलों ने किया उपवास-धरना

अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू कराने को वकीलों ने किया उपवास-धरना

राज्यपाल को ज्ञापन भेजने का सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया आश्वासन, लखनऊ तक पैदल मार्च की चेतावनी

जौनपुर। उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू कराने की मांग को लेकर बुधवार को सिविल कोर्ट और कलेक्ट्रेट के अधिवक्ताओं ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण उपवास एवं धरना प्रदर्शन किया। अधिवक्ता शिव कुमार मिश्र के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में वकीलों की सुरक्षा के लिए ठोस कानूनी संरक्षण की मांग उठाई गई।

धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने अधिवक्ताओं से ज्ञापन लिया और उसे राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने अपना उपवास समाप्त किया।

सुरक्षा के साथ वित्तीय सहायता और क्षतिपूर्ति की मांग

अधिवक्ता शिव कुमार मिश्र ने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम का विधेयक जल्द से जल्द विधानसभा से पारित कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में अधिवक्ताओं को कड़ा कानूनी संरक्षण देने के साथ पीड़ित अधिवक्ताओं के लिए वित्तीय सहायता और क्षतिपूर्ति की व्यवस्था भी होनी चाहिए।

उन्होंने राजस्थान, कर्नाटक और तेलंगाना में अधिवक्ताओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी इस तरह का कानून लागू होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

लखनऊ तक पैदल यात्रा की चेतावनी

शिव कुमार मिश्र ने कहा कि अधिवक्ता सुरक्षा कानून की मांग को लेकर जल्द ही जौनपुर से लखनऊ विधानसभा तक पैदल यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जल्द ठोस कदम उठाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के कानून विभाग से जुड़े विषय पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कानून मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी अनुभवी अधिवक्ता को दी जानी चाहिए।

धरना-प्रदर्शन में सुरेंद्र प्रजापति, देवानंद मिश्रा, सकलैन हैदर, विकास यादव, आबिद सिद्दीकी, रामदेवल यादव, प्रतिभा सिंह, अभिषेक पाठक, विजय, जयशंकर बिंद, राजेंद्र प्रसाद यादव, मनोहर बिंद, पुष्पेंद्र निषाद, सोहेल खान, कैलाशनाथ, शैलेंद्र यादव समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।