जौनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Arun Kumar Singh (81) का सोमवार को Prayagraj में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मंगलवार को उनके पैतृक आवास रामनगर में राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए Rasulabad Ghat के लिए रवाना हुई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए।
प्रशासन की ओर से तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। रसूलाबाद घाट पर उनके पुत्र अभिषेक उर्फ आशु सिंह ने नम आंखों से मुखाग्नि दी।
Arun Kumar Singh का राजनीतिक जीवन 1969 में University of Allahabad की छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वे 1977 में मछलीशहर से विधायक चुने गए और 1980 से 1990 तक लगातार विधायक रहे। इस दौरान उन्होंने सहकारिता विभाग में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया।
वर्ष 1991 में रारी विधानसभा से भी विधायक बने और 2003 से 2005 तक Uttar Pradesh Congress Committee के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
अंतिम विदाई के दौरान पूरा रामनगर शोक में डूबा नजर आया। लोगों ने उनकी सरलता, विकास कार्यों और राजनीतिक समझ को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उनके निधन पर Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi, Mallikarjun Kharge और Ajay Rai सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे कांग्रेस और पूर्वांचल की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।



