सरायख्वाजा। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकारी दावों के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) आदमपुर की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल में फार्मासिस्ट और महिला चिकित्सक की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। वर्तमान में अस्पताल का संचालन मुख्य रूप से एक चिकित्सक और वार्ड ब्वाय के सहारे किया जा रहा है, जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में महिला चिकित्सक की नियमित तैनाती न होने से महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए आने वाली महिलाओं को कई बार बिना उचित परामर्श के वापस लौटना पड़ता है या फिर उन्हें जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
महिला मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
महिला मरीजों का कहना है कि महिला चिकित्सक की अनुपस्थिति उनके लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। कई महिलाएं पुरुष चिकित्सक के सामने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बताने में असहज महसूस करती हैं, जिसके कारण समय पर इलाज नहीं हो पाता। ग्रामीणों का मानना है कि यदि अस्पताल में नियमित महिला चिकित्सक की नियुक्ति हो जाए तो हजारों महिलाओं को राहत मिल सकती है।
गरीब परिवारों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं न मिलने के कारण मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। जिला अस्पताल की दूरी अधिक होने के कारण समय और परिवहन दोनों की समस्या भी सामने आती है।
वर्षों से स्टाफ की मांग, नहीं हुआ समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकीय और गैर चिकित्सकीय स्टाफ की नियुक्ति की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। आसपास के दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है।
वार्ड ब्वाय की वायरल तस्वीर बनी चर्चा का विषय

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आदमपुर का एक फोटो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल तस्वीर में अस्पताल का एक वार्ड ब्वाय कुर्सी पर सोता हुआ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह फोटो दो दिन पुराना है।
क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस के बीच मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, वहीं वायरल तस्वीर को लेकर लोग स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों ने की स्टाफ बढ़ाने की मांग
क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में नियमित महिला चिकित्सक, फार्मासिस्ट और अन्य आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति करने की मांग की है। उनका कहना है कि पर्याप्त संसाधन और कर्मचारियों की उपलब्धता से क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।


