जौनपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जौनपुर इकाई ने जनपद में व्याप्त शैक्षिक अनियमितताओं और निजी विद्यालयों की मनमानी के विरोध में अतिरिक्त नगर मजिस्ट्रेट मंजूलता के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार को 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
परिषद ने शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाने तथा विद्यार्थियों के हित में प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
निजी विद्यालयों की मनमानी का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि निजी विद्यालयों द्वारा महंगी पुस्तकें और ड्रेस अनिवार्य की जा रही हैं, जबकि पुनः प्रवेश शुल्क के नाम पर अभिभावकों से अवैध वसूली भी की जा रही है।
इसके अलावा आरटीई के तहत 25 प्रतिशत आरक्षण लागू न किए जाने तथा बिना मान्यता के विद्यालय संचालित होने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
फीस वृद्धि पर रोक लगाने की मांग
विद्यार्थी परिषद ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने तथा एनसीईआरटी आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।
परिषद पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा सेवा का माध्यम है, इसे व्यवसाय का रूप देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
आंदोलन की चेतावनी
अभाविप कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो परिषद जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
इस दौरान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हर्ष वर्धन चौरसिया, नमन सिंह, हर्ष सिंह, एकांश, अक्षत, नितेश, प्रिंस, गौरव, रूद्र और नात्सु सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।



