जौनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वी किस्त के तहत 9करोड़ किसानों को रुपये 18हजार करोड़ की सम्मान निधि की धनराशि का हस्तांतरण एवं दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती समिट 2025 का उद्घाटन किया गया। कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण एमएलसी बृजेश सिंह प्रिन्सु, जिलाधिकारी डॉ.दिनेश चन्द्र और प्रगतिशील किसानों की उपस्थिति में देखा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सदस्य विधान परिषद सहित अन्य द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। कृषि विभाग, पशुपालन, उद्यान विभाग, मत्स्य पालन सहकारिता सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन भी किया गया। जनपद में पात्र 6 लाख 69 हजार 1 सौ 94 किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से सभी लाभार्थी किसानों के खाते में रुपये 133.83 करोड़ की सम्मान राशि हस्तांतरित की गई। जिसके मैसेज किसानों के मोबाइल पर मिलते ही किसानों के चेहरों पर खुशी देखी गई। सदस्य विधान परिषद ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहयोग का माध्यम नहीं है, बल्कि किसानों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि का संकल्प है। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ यदि कोई है, तो वह हमारे किसान है। योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत देना और उन्हें छोटे-मोटे खर्चों के लिए निर्भरता से मुक्त करना है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को प्रति वर्ष रूपये 6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार का उद्देश्य यह है कि किसी भी किसान को बीज, खाद, सिंचाई या अन्य कृषि कार्यों के लिए कठिनाई न उठानी पड़े। इसी क्रम में उक्त कार्यक्रम का प्रसारण समस्त विकास खण्ड स्तर, कृषि सेवा केन्द्रों पर भी आयोजित की गई जहा योजनान्तर्गत कृषकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डिप्टी पीडी आत्मा डॉ0 रमेश चंद्र यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि, एआर कोऑपरेटिव, सहित संबंधित अधिकारीगण, प्रगतिशील किसान आदि उपस्थित रहे।
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जौनपुर में जन्माष्टमी का उत्सव, मंदिरों से पुलिस लाइन और जिला जेल तक विशेष आयोजन
जौनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलेभर में उत्साह रहा। मंदिरों, पुलिस लाइन और जिला जेल में विशेष आयोजन हुए, जबकि बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ी।
9 करोड़ किसानों के खातें में जायेगा 18हजारा करोड़ की धनराशि

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