जौनपुर धारा, सिकरारा। बैजनाथ यादव ईण्टर कालेज जमालपुर मदारपुर के संस्थापक/प्रबन्धक स्व.बैजनाथ यादव की सत्रहवी पुण्यतिथि पर श्रद्धाजलि समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित होकर श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। लालजी यादव अवकाश प्राप्त वीओ ने कहा कि चाचाजी हमारे ग्राम पंचायत के, क्षेत्र के लिए एक ऊंची धरोहर थे। वह एक प्रकाश पुंज थे, वह दीपक जो पुरे क्षेत्र को आलोकित और प्रकाशित करते हुए उर्जा प्रदान करता था। समय से पहले बूझ गया, उनका असमय छोड़कर चले जाना समाज की अपूरणीय क्षति है। आज भले ही वह हम लोगो के बीच नही है, लेकिन वह अपने कृतित्व और व्यक्तित्व से हम लोगो के बीच जिन्दा है। सामाजिक कार्यो मे बढचढकर भाग लेते थे और दूसरो को भी प्रेरित करते थे। विद्यालय परिवार के सदस्य कल्लू राम कामरेड ने कहा कि आज उनको याद करने का समय है,हम उन्हे याद क्यो कर रहे है, क्योकि उन्होने ऐसा काम किया है। उन्होने समाज को शिक्षित करने के लिए एक संस्था का निर्माण कराया,जहा पर संस्कार की शिक्षा दी जाती है। मनुष्य की कीर्ती अमर रहती है। आगे उन्होंने कहा ‘पुष्प महके जहा,वह चमन होता है। शिक्षा से जिन्दगी मे अमन होता है। स्वर्गीय बैजनाथ यादव जी ने कार्य ऐसा किया, है नही फिर भी दिल से नमन होता है। प्रमोद कुमार शर्मा ने संस्थापक को गीत के माध्यम से भावाजंलि दिया। इस अवसर पर सरंक्षक पचंम राम यादव, जयप्रकाश यादव, कृष्ण मोहन यादव, इन्द्र कला यादव, प्रधानाचार्य सुनीता यादव, अध्यापक गण प्रेम चन्द्र मौर्या, रविशंकर तिवारी तथा छात्र एवम छात्राए उपस्थित रही। आभार डॉ.रामकृष्ण यादव द्वारा किया गया।
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55 साल का इंतजार, अब भी अधूरा आशियाना; पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे मुसहर परिवार
जौनपुर के खुटहन ब्लॉक स्थित बड़नपुर गांव में मुसहर परिवारों को वर्ष 1972 में पट्टे की भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है।
संसार से जाने के बाद भी अपने व्यक्तित्व से जिंदा रहता है हर व्यक्ति


