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रैन बसेरा होते हुए खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं मजदूर

बाराबंकी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि गरीबों को हर सम्भव मदद रैन बसेरों में दिये जाएं. लेकिन बाराबंकी जिले में मजदूरों के रैन बसेरों में रुकने के लिए इतना सख्त नियम बनाया गया हैं कि वे मजबूर होकर खुले आसमान में ही सो रहे हैं. न्यूज 18 लोकल की टीम जब शहर में रैन बसेरों का जायजा लिया तो सारे रैन बसेरे खाली मिले. रैन बसेरों में बिस्तर रजाई कम्मल मिले. लेकिन रुकने वाला कोई नहीं था. रेलवे स्टेशन पर महिलाओं और पुरुषों के लिए बनाए गए रैन बसेरों में 14 लोगों में 2 महिलाएं और 12 पुरूष मिले. बाकी शहर के सभी रैन बसेरे खाली पड़े मिले. इसकी मुख्य वजह प्रशासन की तरफ से बनाये गए सख्त नियम. रैन बसेरों की देखरेख कर रहे लोगों से जब बात की गई तो पता चला सरकारी रैन बसेरों में रुकने के लिए आधार कार्ड रहना जरूरी है.

सीएम के आदेश का नहीं हो रहा पालन
सीएम योगी आदित्यनाथ का आदेश है कि ठंड से बचाने के लिए लोगों की मदद की जाए. साथ ही निर्देश दिए हैं कि लोगों को रैन बसेरों में रखा जाए. उनके लिए अलाव की व्यवस्था की जाए. लेकिन हकीकत क्या है ये खुद पीड़ितों से पूछिए. रात के अंधेरे में सर्द हवाओं के बीच जगह-जगह लोग खुले आसमान के नीचे लेटे दिखे. किसी ने दुकान के सामने बिस्तर लगा रखा तो कोई बस स्टॉप पर दिखाई दिया.