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आईजीआरएस शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें : जिलाधिकारी

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Homeअपना जौनपुरदर्जनों गांव को जोड़ने वाली सड़क बदहाल, पैदल चलना दूभर

दर्जनों गांव को जोड़ने वाली सड़क बदहाल, पैदल चलना दूभर

  • रिपेयरिंग के लिए एक वर्ष से खोदकर छोड़ दी गईं है सड़क, गिर रहे राहगीर

जौनपुर धारा, खेतासराय। एक तरफ जहां सरकार सड़कों का जाल बिछाकर यात्रियों का मार्ग सुगम कर रही है तो वहीं खास्ताहाल हुई या यू कहें खुदाई कर छोड़ दी गई सड़कों को भूल गई है। स्थिति यह है कि राहगीर और छात्र छात्राएं आते जाते बोल्डरों पर छिटक कर गिर जा रहे हैं बावजूद इसके विभाग मौन है। बता दें कि खेतासराय-जौनपुर मुख्य मार्ग पर स्थित गुरैनी बाजार से अर्जनपुर, कलापुर सम्पर्क मार्ग है जो दर्जनों गांव को जोड़ती है। इसी मार्ग से लोग जिला मुख्यालय जाने के लिए प्रयोग में लाते हैं साथ ही बड़ी बाजार खेतासराय, गुरैनी,मानी बाजार करने के लिए आते-जाते रहते है। इतना ही नहीं बल्कि इस मार्ग पर कई विद्यालय भी है जहां से छात्रों का सुबह-शाम आना जाता होता है। ऐसे में उक्त मार्ग ही हालत बहुत दयनीय है। स्थिति यह है कि खस्ताहाल हुई सड़क को रिपेयर के लिए बरसों से खोदकर छोड़ दिया गया है। जिससे और भी बुरा हाल हो गया है। इस मार्ग से आने जाने वाले लोग इस सड़क पर गिरकर आये दिन चुटहिल हो रहे है। पहले तो गड्ढे में गिरने के बाद बच भी जाते थे लेकिन जबसे खोदकर छोड़ी गई है तबसे गिरने के बाद लोग गम्भीर रूप से घायल हो जा रहे है। राहगीर और आने-जाने वाले लोग इतना भयभीत हो गए है कि यदि कोई किसी तरह आ जा रहा है तो सड़क पर बिखरे बोल्डर से छिटकर घायल होने का भय बना हुआ है। उक्त सड़क पर अर्जनपुर, रुदौली, बिस्वा, टिकरी, एतमातपुर, सफीपुर, दीदखोरा होते हुए खुटहन को निकल जाती है सीधे एक विधान से होते हुए दूसरे विधान को जोड़ती है। बरसात के दिनों में और बुरा हाल हो जाता है। इस मार्ग से ज्यादातर साइकिल से लोगों का आना-जाना होता है। सड़क पर बिखरे बोल्डर से लोगों की साइकिल तक पंचर हो जा रही है। अब सवाल उठना भी लाजमी है कि आखिर उक्त मार्ग वर्षों से रिपेरिंग के नाम खोदकर क्यों छोड़ा गया है। ऐसे क्यों हुआ है ग्रामीण इससे अनभिज्ञ है लेकिन जनप्रतिनिधि भी इस पर चुप्पी साधे पड़े है।