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पूरनपुर में अंडरपास निर्माण की मांग पर डीआरएम का निरीक्षण, ग्रामीणों को मिली नई उम्मीद

पूरनपुर गांव के सामने बंद किए गए रेलवे मार्ग पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर डीआरएम वाराणसी ने निरीक्षण किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्वीकृति मिलने के बाद वर्षों पुरानी आवागमन समस्या का समाधान होगा।
Homeउत्तर प्रदेशअपने साथ एक पर्व लेकर शुरू होता साल का हर माह

अपने साथ एक पर्व लेकर शुरू होता साल का हर माह

अयोध्या. सनातन धर्म पर्वों से भरा माना जाता है. साल का हर माह अपने साथ एक पर्व लेकर शुरू होता, जो कि कई परंपराओं और मान्यताओं को जीवंत करता है. बात फागुन माह की करें तो होली और महाशिवरात्रि के अलावा फुलेरा दूज इसी महीने मनाई जाती है. फुलेरा दूज शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है. इस साल यह पर्व 21 फरवरी को मनाया जाएगा. फुलेरा दूज के दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना की जाती है. हालांकि यह प्रचलन सबसे ज्यादा मथुरा में देखने को मिलता है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक, इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण और राधा रानी की पूजा आराधना करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है. अयोध्‍या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष फागुन माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को यानी 21 फरवरी को सुबह 7:34 से फुलेरा दूज प्रारंभ हो रही है. वहीं, इसका समापन 22 फरवरी को सुबह 4:27 पर होगा.

इस बार बन रहा खास संयोग
इतना ही नहीं ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, फुलेरा दूज के दिन प्रतिपदा का भी संयोग बन रहा है. इस दिन कई शुभ संयोग भी हैं. ऐसे में विधि-विधान पूर्वक राधा रानी और भगवान कृष्ण की पूजा आराधना करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी और समस्त प्रकार की परेशानियां दूर करेंगी.

जानिए कैसे करें पूजा-अर्चना
ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि इस दिन घर में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा अर्चना करनी चाहिए. सभी देवी देवताओं को इस दिन अबीर और गुलाल अर्पित करना चाहिए. रंग-बिरंगे कपड़े भगवान कृष्ण को पहनना चाहिए. धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन से होली की शुरुआत होती है. इसके अलावा पूजन सामग्री में अक्षत, फूल और दूर्वा इत्यादि शामिल करें. उसके बाद विधि-विधान पूर्वक भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की आराधना में लीन रहना चाहिए.