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पूरनपुर में अंडरपास निर्माण की मांग पर डीआरएम का निरीक्षण, ग्रामीणों को मिली नई उम्मीद

पूरनपुर गांव के सामने बंद किए गए रेलवे मार्ग पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर डीआरएम वाराणसी ने निरीक्षण किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्वीकृति मिलने के बाद वर्षों पुरानी आवागमन समस्या का समाधान होगा।
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पूरनपुर में अंडरपास निर्माण की मांग पर डीआरएम का निरीक्षण, ग्रामीणों को मिली नई उम्मीद

जौनपुर। औड़िहार-जौनपुर रेल प्रखंड पर पूरनपुर गांव के सामने बंद किए गए मार्ग पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर शनिवार को मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वाराणसी ने स्थलीय निरीक्षण किया। रेलवे अधिकारियों की टीम के साथ पहुंचे डीआरएम ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और अंडरपास निर्माण की संभावनाओं का आकलन कराया।

जानकारी के अनुसार पूरनपुर गांव के सामने स्थित यह मार्ग दशकों से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता रहा है। करीब पांच माह पहले रेलवे विभाग ने सुरक्षा कारणों से लोहे का गार्डर लगाकर इस मार्ग को बंद कर दिया था, जिसके बाद ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कई गांवों के लोगों को हो रही परेशानी

मार्ग बंद होने से पूरनपुर, कैथौली, लोकपट्टी, बगेरवा समेत आसपास के कई गांवों के लोगों का दैनिक आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत बढ़ गई है।

ग्रामीणों की समस्या को लेकर पूर्वांचल किसान संगठन के नेता अजीत सिंह के नेतृत्व में कई बार आंदोलन और प्रदर्शन भी किए गए। किसानों ने डीआरएम वाराणसी से मिलकर अंडरपास निर्माण की मांग उठाई थी।

रेलवे अधिकारियों ने किया तकनीकी निरीक्षण

ग्रामीणों की मांग पर संज्ञान लेते हुए डीआरएम शनिवार को रेलवे इंजीनियरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर तकनीकी नाप-जोख की और अंडरपास निर्माण की व्यवहारिक संभावनाओं का मूल्यांकन किया।

डीआरएम ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट और परियोजना का विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर रेलवे मंत्रालय तथा दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेजा जाएगा, ताकि आवश्यक स्वीकृति प्राप्त की जा सके।

भूमि की जरूरत होने पर निकाला जाएगा समाधान

निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने ग्रामीणों से कहा कि यदि अंडरपास निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता पड़ती है तो आपसी सहमति से उसका समाधान निकाला जाएगा। रेलवे मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

ग्रामीणों में जगी नई उम्मीद

डीआरएम के निरीक्षण के बाद क्षेत्रीय लोगों में अंडरपास निर्माण को लेकर नई उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अंडरपास बन जाता है तो वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा और हजारों लोगों को राहत मिलेगी।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास और आवागमन की सुविधा को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।