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Homeउत्तर प्रदेशबोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रदेश सरकार ने उठाए महत्वपूर्ण कदम

बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रदेश सरकार ने उठाए महत्वपूर्ण कदम

सहारनपुरः उत्तर प्रदेश सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. जिन स्कूलों को बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाया गया है, उनमे सीसीटीवी कैमरों के साथ कई तरह से निगरानी रखने के लिए भी सरकार ने जरूरी नियम लागू किये हैं. सरकार का उद्देश्य है कि बोर्ड परीक्षाएं निकल विहीन सम्पन्न हों. जिसके लिए प्रति वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए कई तरह के आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. बोर्ड परीक्षा के लिए बने केंद्रों पर परीक्षा करने के लिए नियुक्त कक्ष निरीक्षक के लिए कड़े नियम लागू किये गए हैं. जिला विद्यालय निरीक्षक को आवश्यक नियमों से अवगत करा दिया गया है. कहीं कक्ष निरीक्षक ही नकल की वजह न बनें, ऐसे में बोर्ड ने कक्ष निरीक्षकों की तैनाती के लिए कड़े नियमों की नियमावली बनाई गई है. यदि किसी केंद्र पर किसी शिक्षक का परिजन या रिश्तेदार परीक्षा दे रहा है, तो वह शिक्षक वहां कक्ष निरीक्षक या अन्य तौर पर ड्यूटी नहीं कर सकेगा. कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने में चौकसी बरतने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है.

यूपी बोर्ड की दसवीं और 12वीं की परीक्षा 16 फरवरी से शुरू हो रही है. परीक्षाओं के लिए सहारनपुर में 98 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक की तैनाती के लिए माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग से भी शिक्षक तैनात किए जाएंगे. यूपी बोर्ड की नियमावली के अनुसार एक कक्ष में अधिकतम 40 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी. प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक ड्यूटी देंगे. यदि कक्ष बड़ा होने पर उसमे 40 से अधिक परीक्षार्थी बिठाए गए हैं, तो दो की जगह तीन कक्ष निरीक्षकों की तैनाती अनिवार्य होगी. किसी भी शिक्षक को उसके अनुरोध पर उसके मनचाहे केंद्र पर कक्ष निरीक्षक न बनाया जाएगा. इसके अलावा यदि किसी परीक्षा केंद्र पर किसी शिक्षक का परिजन या रिश्तेदार छात्र परीक्षा दे रहा है, तो उक्त केंद्र पर किसी भी हालत में उस शिक्षक को कक्ष निरीक्षक नही बनाया जाएगा. इस मामले में कड़ी चौकसी बरतने के लिए निर्देश दिए गए हैं. आगामी यूपी बोर्ड परीक्षाओं में करीब 45 फीसदी छात्राएं परीक्षा देंगी. कई केंद्र केवल छात्राओं के लिए बनाये गए हैं. छात्राओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो या किए प्रकार की असहजता महसूस न हो, इसके लिए बोर्ड ने छात्राओं के केंद्र पर महिला शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक के रूप में प्राथमिकता के आधार पर तैनाती देने के लिए निर्देश दिए गए हैं. नकल आदि देखने के लिए छात्राओं की तलाशी भी केवल महिला शिक्षक द्वारा ही ली जाएगी. जिला विद्यालय निरीक्षक योगराज सिंह ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन कराना बोर्ड की पहली प्राथमिकता है. इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा शासन और बोर्ड के आदेशों का अनुपालन कर सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे है. कक्ष निरीक्षकों की तैनाती बोर्ड के आदेश के अनुरूप ही की जा रही है.