केराकत। दीवानी न्यायालय में बम की सूचना मिलने के मामले में जिला व पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर वादकारियों ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। चर्चा है कि ईमेल रात में ही आ गया था तो सूचना प्रकाशित करने में देरी क्यों की गई। संगठन का आरोप है कि यदि प्रशासन समय रहते सूचना सार्वजनिक कर देता तो अधिवक्ता और वादकारी कचहरी आने से बच जाते, जिससे उनका समय और पैसा दोनों सुरक्षित रहता तथा प्रशासन को भी परिसर खाली कराने में कम परेशानी होती। केराकत तहसील क्षेत्र के वादकारियों की मंगलवार को केराकत में बैठक हुई जिसमें वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में त्वरित और पारदर्शी सूचना देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बैठक में उपस्थित मोहम्मद असलम खान, दीपनारायण सिंह, रामशरण यादव, बजरंगबहादुर सिंह, संजय शुक्ल, रामफेर शर्मा, कौशलेंद्र गिरी, श्रीप्रकाश सरोज उ$र्फ पप्पू, ओमप्रकाश आदि वक्ताओं ने मांग की कि घटना की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए स्पष्ट और समय रहते प्रोटोकॉल जारी किया जाए, ताकि आमजन, अधिवक्ता और न्यायालय कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
― Advertisement ―
जौनपुर: होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल में मातृ दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम, बच्चों ने मां को समर्पित की प्रस्तुति
जौनपुर के होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल में मातृ दिवस पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए मां के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया।
बम की सूचना पर प्रशासन की लापरवाही पर वादकारीयों ने जताया रोष



