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55 साल का इंतजार, अब भी अधूरा आशियाना; पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे मुसहर परिवार

जौनपुर के खुटहन ब्लॉक स्थित बड़नपुर गांव में मुसहर परिवारों को वर्ष 1972 में पट्टे की भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है।
Homeअपना जौनपुरताजिया बनाने में जुटे हैं कारीगर

ताजिया बनाने में जुटे हैं कारीगर

  • अजादार अभी से खरीद रहे हैं ताजिया और तुर्बत

जौनपुर धारा, जौनपुर। 29जुलाई को दस मोहर्रम पड़ रहा है। इस दिन शिया मुस्लिम ताजिये को 9 मोहर्रम की रात चौक पर रखते हैं और रात भर मजलिस मातम का सिलसिला चलता है। दूसरे दिन 10 मोहर्रम को ताजिया गंजे शहीदा में ले जाकर दफ्न किया जाता है। ताजिया कारीगर दिन रात मेहनत करके ताजिये को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। ताजिया की ज्यादा मांग होने की वजह से कारीगर मेहनत कर रहे हैं। अभी से कई ताजियों की खरीदारी शुरू भी हो गयी है। बतातें चलें कि इस्लामी कलेंडर का पहला महीना मोहर्रम से शुरू होते ही ताजियादार ताजिया तैयार करने में जुटे हुए हैं। जनपद में कई स्थानों पर ताजिया तैयार हो रहा है। कल्लू के इमामबाड़े में ताजिया की चौकी बनाने के बाद अब कारीगर मीनार व गुंबद को तैयार करने में जुटे है। ताजिया बनाने वाले कारीगरों ने बताया कि जिले में अधिक संख्या में ताजियादारी होती है इसलिए पिछले 2 महीनों से ताजिया बनाने का कार्य किया जा रहा है। रंग-बिरंगे कागज से बाहरी ढांचा तैयार करके अब साज-सज्जा का कार्य किया जा रहा है। इसमें पूरे परिवार के सदस्य लगे है। पंद्रह सौ रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक की ताजिया तैयार की गई है। कल्लू के इमामबाड़े के मुतवल्ली शौकत अली ने बताया कि करबला के प्यासे शहीदों की याद में जनपद में सभी धर्मो के लोग मोहर्रम में ताजिया रखकर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से अपनी अकीदत का इजहार करते है।