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55 साल का इंतजार, अब भी अधूरा आशियाना; पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे मुसहर परिवार

जौनपुर के खुटहन ब्लॉक स्थित बड़नपुर गांव में मुसहर परिवारों को वर्ष 1972 में पट्टे की भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है।
Homeअपना जौनपुररोडवेज पर गन्दगी का अम्बार, बसें की भी नहीं होती धूलाई

रोडवेज पर गन्दगी का अम्बार, बसें की भी नहीं होती धूलाई

  • पूरे परिसर में फैले कचरे के यात्री हो रहे परेशान
  • गैरजिम्मेदार अधिकारियों के कारण बसअड्डे की खुल रही कलई

जौनपुर धारा, जौनपुर। जौनपुर रोडवेज डिपो पर एक अर्से से मनमानी का राज है। यहां स्वच्छता कहीं नजर नहीं आती। न तो एक भी कूड़ेदान है और न ही सफाई का बेहतर प्रबंध। नतीजतन परिसर में इधर-उधर गंदगी बिखरी रहती है। कूड़ेदान के अभाव में यात्री मनचाही जगह पर गंदगी फेंक रहे हैं। यह हाल तब है जब पूरे जिले में बुखार और डेंगू का प्रकोप चल रहा है। लेकिन, न तो विभाग और न ही नगर पालिका द्वारा यहां कोई व्यवस्था कराई गई है।

रोडवेज बस स्टैंड पर संसाधन न होने के कारण विभाग के कर्मचारी व चालक-परिचालक किनारों पर नालियों की स्थिति बना रखी है और वहाँ यूरीनल का अड्डा बन गया है। यात्रियों खाने के बाद रैपर भी वहीं फेंक दिए जाते हैं। डिस्पोजेबल और प्लास्टिक वाली पानी की बोतलों को भी जहां-तहां फेंका जाता है। सबसे बड़ी समस्या तो यूरीनल की है। सड़क के किनारे ही यूरीनल बना हुआ है। सफाई की व्यवस्था न होने की वजह से लगभग 50 मीटर तक के एरिया में दुर्गंध उठती रहती है। वही हाल बसों का भी है चर्चा में रहने वाला यह डिपो आज तक नहीं सुधर सका।

रोडवेज महकमा बस स्टैंड में सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता की कोई व्यवस्था दुरूस्त न होने के बावजूद भी बेफिक्र है। एआरएम द्वारा परिसर की स्थिति में सुधार के लिए अब तक कोई खास इंतजाम नहीं कराए गए हैं। वहीं चालक व परिचालकों से विवाद में घिरे सीनियर फोरमैन भी बिना धूलवाये ही बसों को परिसर से निकाल देतें है। बस स्टैंड में फैली गंदगी और कई स्थानों पर लगे कचरे ढेर नगर निगम के साफ-सफाई के दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। साफ-सफाई व्यवस्था की पड़ताल करने बस स्टैंड पहुंचने पर पता चला कि यहां पर सफाई का आभाव है। बस स्टैंड में जगह-जगह चाय के डिस्पोजल व कुल्हड फैले हुए हैं, कई स्थानों पर कचरे का ढेर लगाया गया था। बस स्टैंड में कचरे के ढेर के ये नजारे साफ-सफाई को लेकर किए जा रहे दावों की हकीकत बयां कर रहे थे। रविवार की सुबह समाचार पत्र कर्मी ने रोडवेज के कुछ दृश्य को अपने वैâमरे में वैâद कर लिया जहाँ साफ तौर पर देखने को मिला कि जौनपुर डिपो की कई बसें बिना धूले की निकाली गई थी और रोडवेज के किनारे पर गन्दगी का अम्बार लगा हुआ था। वहीं किराने पर ही विभागीय से लेकर आम-खास ने स्वयं से यूरीनल (पेशाब करने) की व्यवस्था कर लिया है। जिससे रोडवेज परिसर में पूरे दिन बदबू करता रहता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्कशॉप के विवादों में रहने वाले सीनियर फोरमैन का अब गैरजनपद तबादला हो गया है, नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने यह भी बताया कि इनके कार्यकाल में बसों की व्यवस्थाएं चौपट हो गई है। अब नये अधिकारी आने पर क्या करतें हैं यह तो वक्त ही बतायेगा।