- अनुसंधान के क्षेत्र में लाभकारी साबित होगी कार्यशाला : प्रो.शिव कुमार
जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.वंदना सिंह एवं उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के संरक्षत्व के संयुक्त तत्वाधान में रिसर्च मेथाडोलॉजी (अनुसंधान कार्य प्रणाली) विषय पर शनिवार को एक दिवसीय सी.एम.ई./कार्यशाला का आयोजन पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में किया गया।
इस संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि पीयू के फार्मेसी संस्थान के निदेशक एवं इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो.बी.बी.तिवारी ने कहा कि किसी भी अच्छे संस्थान की पहचान वहां पर होने वाले अनुसंधान से होती है। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले ऐसे कार्यक्रम संस्थान एवं वहां अध्यनरत छात्रों की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक होगी। इससे नवाचार के साथ-साथ चिकित्सा के क्षेत्र में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा जिसका लाभ सीधे मरीजों के रोग का निदान करने वाले चिकित्सकों को मिलेगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.शिव कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि अनुसंधान कार्य प्रणाली से संबंधित ऐसी कार्यशाला से पीयू एवं चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों एवं संकाय सदस्यों को अनुसंधान के बारे में जानने एवं अनुसंधान करने में आशातीत सफलता मिलेगी। इस अवसर पर प्रशिक्षक संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के डॉ.प्रभाकर मिश्रा, डिपार्मेंट आफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के डॉ.मोहन गुर्जर, हेड डिपार्टमेंट ऑफ़ हिस्टोलॉजी के डॉ.अमित गोयल ने अनुसंधान कार्यप्रणाली के विभिन्न अंगों एवं अनुसंधान से संबंधित विभिन्न गुणों के बारे में विस्तार से चर्चा की। संगोष्ठी के सभी वक्ताओं ने अनुसंधान कार्यप्रणाली, रिसर्च पब्लिकेशन तथा फाइनेंशियल सपोर्ट के संबंध में आधारभूत समस्याओं पर विचार व्यक्त करते हुए अपने रिसर्च के बारे में प्रकाश डाला। इससे एम.बी.बी.एस.प्रथम वर्ष के छात्रों से लेकर संकाय सदस्यों तक लाभ मिलेगा। ज्ञात हो कि मेडिकल काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा इस कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे प्रतिभागियों को तीन क्रेडिट आवर प्रदान किए जायेंगे। इस अवसर पर कार्यशाला के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री एवं को-ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री क्रमशः डॉक्टर एकांश राठौरिया, डॉ.ए.ए.जाफरी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डॉ.रिचा राठौरिया तथा डॉ.मनोज कुमार पाण्डेय को-ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्रा ने अपने उद्गार व्यक्त किये। विश्वविद्यालय की तरफ से प्रो.देवराज सिंह, डॉ.मनोज मिश्र, डॉ.प्रमोद कुमार, डॉ.सुनील कुमार(मीडिया प्रभारी), डॉ.नितेश जायसवाल, डॉ.पुनीत सिंह, डॉ.आलोक दास एवं शोध छात्र उपस्थित थे। मेडिकल कॉलेज की तरफ से संकाय सदस्य प्रो.तबस्सुम यासमीन, प्रो.रुचिरा सेठी, डॉ.आशीष यादव, डॉ.शशि पाण्डेय, डॉ.साधना, डॉ.भारती यादव, डॉ.दिव्या श्रीवास्तव, डॉ.अपूर्व झा, डॉ.कर्नल सीबीएस पटेल, डॉ.विनोद कुमार आदि संकाय सदस्य एवं एमबीबीएस छात्र-छात्रा, सुशील कुमार, अविनाश सिंह, चंद्रमणि चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन सत्र में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के छात्र अधिष्ठता कल्याण, प्रो.अजय द्विवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में रहें। समापन सत्र में इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया।



