खुटहन। स्थानीय क्षेत्र के ऐतिहासिक आदर्श रामलीला धर्म मण्डल उसरौली शहाबुदीनपुर के कलाकारों के द्वारा शनिवार की रात नारद मोह व प्रभु अवतरण का दृश्य देख दर्शक जयघोष करने लगे। ताड़का और सुबाहु का वध देख दर्शक सर्वशक्तिमान ईश्वर को नमन करने लगे। रामलीला का शुभारंभ समाजसेवी राजन मिश्रा व अजय सिंह गप्पू ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। पुत्रेष्टि यज्ञ के बाद भगवान राम,भरत,लक्ष्मण और शत्रुघ्न का अवतरण देख अयोध्या वासियों के खुशियों का ठिकाना न रहा। महर्षि विश्वामित्र के द्वारा महाराज दशरथ से राक्षसों से यज्ञ की रक्षा के भगवान राम और लक्ष्मण को मांग, जब अयोध्या से दोनों राजकुमारों को लेकर जाने लगे , इस दृश्य को देख दर्शक द्रवित हो गये। राक्षसी ताड़का सुंदर वन में अपने पति सुड और दो पुत्रों सुबाहु और मारीच के साथ रहकर ऋषियों, मुनियों सहित सभी जीवों की निर्मम हत्या कर उन्हें अपना आहार बनाती थी। मर्यादा पुरुषोत्तम के द्वारा धनुष बाण से ताड़का और सुबाहु का बध करते ही दर्शक जयकार करने लगे। इस मौके पर राधेश्याम उपाध्याय,संगम पाण्डेय, बद्रीप्रसाद पाण्डेय, मुन्ना पाण्डेय,अजय सिंह राजू, डा0 कमलेश पांडेय,अजय महराज, नारायण पाण्डेय, गुलाब सिंह,हर्ष पाण्डेय आदि मौजूद रहे। संचालन पवन पांडेय ने किया। समिति के कोषाध्यक्ष संगम पाण्डेय ने आए हुए सभी आगतों के प्रति आभार प्रकट किया।
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आर्थिक सुरक्षा और घरेलू आजीविका के बीच संतुलन की आवश्यकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीद सीमित करने की अपील ने देश में आर्थिक सुरक्षा और घरेलू आजीविका के बीच संतुलन की बहस को तेज कर दिया है। यह संपादकीय सर्राफा बाजार, विदेशी मुद्रा भंडार, गोल्ड रीसाइक्लिंग मॉडल और लाखों कारीगरों के रोजगार पर इसके प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
भगवान का अवतरण होते ही जयघोष से गुंजायमान हुआ पांडाल

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