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आर्थिक सुरक्षा और घरेलू आजीविका के बीच संतुलन की आवश्यकता

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डीएम ने ईंधन संरक्षण के लिए हटाया एस्कॉर्ट, दिए सख्त निर्देश

जौनपुर डीएम की पहल से ऊर्जा संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

जौनपुर। शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने ऊर्जा एवं ईंधन संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की है।

जनहित और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में कदम उठाते हुए जिलाधिकारी ने अपने काफिले से एस्कॉर्ट वाहन हटाने का निर्णय लिया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य ईंधन की अनावश्यक खपत को कम करना और प्रशासनिक स्तर पर अनुशासित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना बताया गया है।

सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग के निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि सरकारी वाहनों का उपयोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों के लिए ही किया जाए।

साथ ही शासकीय कार्यों में न्यूनतम वाहनों का प्रयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय, तहसील और ब्लॉक स्तर पर यदि एक से अधिक वाहन उपलब्ध हों तो आवश्यकता के अनुसार कम से कम वाहनों का उपयोग किया जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा देने पर जोर

जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने प्रशासनिक बैठकों को अधिकतम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने पर बल दिया है।

उन्होंने अनावश्यक बैठकों और क्षेत्र भ्रमण के लिए वाहनों के प्रयोग से बचने के निर्देश भी दिए।

इसके साथ ही प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग को समय और संसाधनों की बचत के लिए आवश्यक बताया गया।

आम जनता से भी की सहयोग की अपील

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से भी इस पहल से प्रेरणा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने लोगों से निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने का आह्वान किया, ताकि ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सके।

संसाधनों की बचत और पर्यावरण संरक्षण पर फोकस

प्रशासन की इस पहल को ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि सरकारी स्तर पर ऐसे प्रयास लगातार किए जाएं, तो इससे आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी।

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