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Homeअपना जौनपुरदो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में वंदना और मिथिलेश तीसरी बार शामिल

दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में वंदना और मिथिलेश तीसरी बार शामिल

  • वैज्ञानिकों की अन्तर्राष्ट्रीय उपलब्धि से पीयू का सम्मान बढ़ा

जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय की पूर्व संकायाध्यक्ष एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. वंदना राय और केमिस्ट्री विभाग के असिस्टेंट प्रो.डॉ मिथिलेश यादव ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा जारी विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में लगातार तीसरे वर्ष भी जगह बनाई है। इन वैज्ञानिकों की अन्तर्राष्ट्रीय उपलब्धि से पूर्वांचल विश्वविद्यालय का सम्मान बढ़ा है।

प्रो.वंदना राय पिछले 24 वर्षों से अधिक समय से बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मानव आणविक अनुवांशिकी में स्वास्थ्य सम्बन्धी विषयों और फोलिक एसिड से सम्बंधित जींस समेत अनेक बीमारियों को प्रभावित करने वाले सिंगल न्युक्लीओटाइड पोलीमोर्फिस्म पर महिलाओं व ग्रामीण क्षेत्र की जनता के लिये कार्य कर रहीं हैं। प्रो.वंदना राय मुख्य रूप से विभिन्न जन्मजात, न्यूरोलॉजिकल, मानसिक, कैंसर तथा आयु से सम्बंधित बीमारियों पर शोध कार्य कर रही हैं, साथ ही उनके द्वारा इन बीमारियों के बारे में पूर्वांचल की जनता को लगातार जागरूक किया जा रहा हैं। प्रो.राय के 100 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकशित हो चुके हैं। उन्हें उच्च शिक्षा विभाग द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु शिक्षकश्री सम्मान हेतु भी चयनित किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें पूर्व में कई अन्य पुरस्कार/सम्मान प्राप्त हो चुके है। प्रो.वंदना राय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ-साथ कई परियोजनाएं प्राप्त हुई हैंत् वे कई देशों का शैक्षणिक भ्रमण भी कर चुकीं हैं। डॉ.मिथिलेश यादव एक दशक से अधिक समय से पॉलीमर केमिस्ट्री के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अब तक उनके 65 अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। डॉ.मिथिलेश यादव को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ-साथ विभिन्न एजेंसीज से कुल 30 लाख की रिसर्च ग्रान्ट प्राप्त हो चुकी है। पूर्व में डॉ.मिथिलेश 4वर्षों तक दक्षिण कोरिया एवं 2वर्षों तक ताइवान में शोध कार्य कर चुके हैं। 2014 से 2017 तक डॉ.यादव कोठारी पोस्ट- डॉक्टर फेलो के रूप में जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली में भी कार्य कर चुके हैं। दोनों शिक्षकों की इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान बढ़ाया है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों व छात्र छात्राओं ने दोनों शिक्षकों को बढ़ाई दी।

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