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Homeअपना जौनपुरदवाइयों की सूचना फीड न करने पर डीएम ने जतायी नाराजगी

दवाइयों की सूचना फीड न करने पर डीएम ने जतायी नाराजगी

  • जिला पोषण समिति की बैठक में डीएम ने दिये आवश्यक निर्देश

जौनपुर धारा, जौनपुर। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति/जिला कन्वर्जेन्स कमेटी की बैठक सोमवार देर सायं सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा शासन के निर्देशानुसार माह जून से सितम्बर तक आयोजित होने वाले सम्भव अभियान की समीक्षा की गयी। सम्भव अभियान में ई-कवच पोर्टल पर एएनएम/सीएचओ के द्वारा सैम बच्चों को वितरित की जाने वाली दवाईयों की सूचना न फीड करने के कारण सीडीपीओ बरसठी के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत डा. राजीव यादव को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया कि ब्लाक स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए ई-कवच पोर्टल पर रिपोर्ट फीड कराना सुनिश्चित करें। भारत सरकार एवं उ.प्र. सरकार द्वारा पर्यवेक्षित पोषण ट्रैकर ऐप के 0 से 6 वर्ष के बच्चों की वजन-लम्बाई, खाद्यान वितरण, आँगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा प्रत्येक माह किये जा रहे गृह भ्रमण की समीक्षा की गयी। जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती किये गये गम्भीर कुपोषित बच्चों, वित्तीय वर्ष 2022-23 में स्वीकृत आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण, आँगनबाड़ी कार्यकर्त्री द्वारा दी जाने वाली शाला पूर्व शिक्षा, आगंनबाडी केन्द्रों पर आयोजित की जानी वाली सामुदायिक आधारित गतिविधियों, आकांक्षात्मक विकास खण्डों में विभाग की प्रगति एवं ऑगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान की समीक्षा की गयी। पोषण ट्रैकर ऐप पर विकासखण्ड केराकत और बक्सा में धात्री माताओं एवं बच्चों की संख्या की फिडिंग में बडा अन्तर पाये जाने पर जिलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी केराकत एवं बक्सा से स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। दक्षता मापन में धर्मापुर और मछलीशहर की प्रगति संतोषजनक न पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि प्रत्येक बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा सैम बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्रों पर भर्ती कराया जाए साथ ही कुपोषित बच्चों का फालोअप भी किया जाए। नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत डा. राजीव यादव को निर्देशित किया कि जो भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने दायित्वों का ठीक से निर्वाहन नहीं कर रहे है उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। सक्रिय सीडीपीओ को अन्य ब्लाकों से सम्बद्ध किया जाए। जो सीडीपीओ कार्य की प्रकृति को नहीं समझ पा रहे है उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जाए। सभी सैम बच्चों को आवश्यक दवाएं आयरन, एमोक्सीलिन, केला इत्यादि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे। जिला पोषण समिति में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डीसी मनरेगा, जिला खाद्य एवं रसद अधिकारी, नोडल अधिकारी एनआरसी समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं जिला समन्वयक बाल विकास उपस्थित रहे।

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