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राम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु

जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुनाया। कैकेयी के वरदान, श्रीराम के त्याग और केवट की भक्ति की कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हुए।
Homeदेशटीएमसी नेता साकेत गोखले को अहमदाबाद कोर्ट से मिली जमानत

टीएमसी नेता साकेत गोखले को अहमदाबाद कोर्ट से मिली जमानत

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले को शुक्रवार (9 दिसंबर) को अहमदाबाद की अदालत से जमानत मिल गई है. साकेत गोखले को गुरुवार (8 दिसंबर) को जमानत मिलने के बाद फिर से गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी पर टीएमसी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि साकेत गोखले को जमानत मिलने के बाद भी गुजरात पुलिस की ओर से प्रताड़ित किया जा रहा है. 

शुक्रवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डी. के. चंद्रानी ने 15,000 रुपये के मुचलके पर गोखले को जमानत दे दी. दरअसल, टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले को गुजरात पुलिस ने बीते मंगलवार को मोरबी पुल हादसे के बारे में कथित तौर पर ट्वीट करने से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था. मंगलवार को अहमदाबाद की एक अदालत ने गोखले को दो दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया था. पुलिस हिरासत खत्म हो जाने पर उन्हें गुरुवार को फिर से अदालत में पेश किया गया था. अहमदाबाद की अदालत ने गुरुवार को साकेत गोखले को जमानत दे दी थी, लेकिन मोरबी पुलिस की ओर से दर्ज एक अन्य मामले में उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया गया था. सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) जितेंद्र यादव ने बताया था कि मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एम वी चौहान ने गोखले को जमानत दी. उन्होंने बताया कि लेकिन उसके बाद उन्हें मोरबी में दर्ज किये गये एक अन्य मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. 

गौरतलब है कि एक दिसंबर को गोखले ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त एक सूचना पर आधारित खबर शेयर की थी, जिसके मुताबिक पुल गिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोरबी यात्रा पर 30 करोड़ रुपये का खर्च आया था. मंगलवार सुबह पत्र सूचना कार्यालय ने ट्वीट कर इसे फर्जी खबर बताया था. जिसके बाद साकेत गोखले को गिरफ्तार किया गया था. प्रधानमंत्री मोरबी शहर में मच्छू नदी पर औपनिवेशिक काल का एक पुल गिरने के अगले दिन एक नवंबर को गुजरात आए थे. मोरबी पुल हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई थी.