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Homeअपना जौनपुरउच्च शिक्षा व्यवस्था व गुणवत्ता में सुधार की जरूरत : अश्वनी

उच्च शिक्षा व्यवस्था व गुणवत्ता में सुधार की जरूरत : अश्वनी

  • एक देश एक विधान के तहत स्ववित्तपोषित शिक्षकों को दिया जाए वेतन

जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सामने स्थित एक होटल में उत्तर प्रदेश सामाजिक न्याय के संयोजक अश्विनी कुमार यादव ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था संसाधन व गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है। जिसमें एक देश एक विधान के तहत स्ववितपोषित महाविद्यालयों के अध्यापकों को भी न्यूनतम वेतन 30हजार मासिक दिया जाए और प्रदेश में शिक्षकों के खाली पदों को भरा जाए। जिससे उसे शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हो सके। यूपी सामाजिक न्याय के संयोजक अश्विनी कुमार यादव ने प्रेसवार्ता में कहा कि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को 1017 पदों का अधियाचन प्राप्त हो चुका है। ऐसे में अति शीघ्र आयोग का गठन कर विज्ञप्ति जारी की जाए। पाठ्यक्रम बनाना नियम बनाना स्कॉलरशिप देना जब सरकार करती है तो अध्यापकों का वेतन सरकार को देना चाहिए। स्ववित्तपोषित महाविद्यालय में छात्रों को प्रवेश जिस विषय में दिया जाता है। उसे विषय का अध्यापक होना अनिवार्य है। काफी कालेजो में प्राइवेट अध्यापकों से पढ़ाई कराई जाती है, जो गलत है यह नियम अनुदानित व राजकीय महाविद्यालय पर लागू होना चाहिए। एक ही विश्वविद्यालय के सरकारी महाविद्यालय में अलग नियम व प्राइवेट में अलग नियम है। इसमें सुधार की जरूरत है और जब तक शिक्षक त्यागपत्र ना दे तब तक प्रबंधक उसे निकाल नही पाये, यह व्यवस्था बनाई जाए। देश विश्व गुरु तभी बन सकता है। भारत का जीडीपी का प्राfतशत गिरा हुआ है।भारत 2.5 प्रति. की जीडीपी है, वहीं ब्राजील की 6प्रति., दक्षिण अप्रâीका की 6.6प्रति. जीडीपी है, इंडोनेशिया की 3.5प्रति.जीडीपी है। इसलिए भारत की शिक्षा गुणवत्ता सुधरेगी तभी जब भारत का जीडीपी दर भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती खाली सीटों पर तत्काल जाए। डिग्री कॉलेज में  1900 खाली सीटे है। इस अवसर पर जय किसान आंदोलन के जौनपुर के जिला अध्यक्ष आनंद कुमार ने बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने की मांग की है। जिससे जरूरतमंदों को परेशानी का सामना न करना पड़े।