जौनपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह के अंतर्गत मंगलवार को लोहिया Park में महिलाओं के स्वास्थ्य एवं योग जागरूकता को केंद्र में रखकर विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में महिलाओं को योग, प्राणायाम और संतुलित जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी गई तथा नियमित योगाभ्यास अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. के निर्देशन तथा क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कमल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य जागरूकता और परिवार की खुशहाली में महिलाओं की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।
महिलाओं की जागरूकता से स्वस्थ बनता है परिवार
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कमल ने कहा कि परिवार के स्वास्थ्य की देखभाल में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि महिलाएं पौष्टिक एवं सुपाच्य भोजन को प्राथमिकता दें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं तो कई शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की मजबूत नींव महिलाओं की जागरूकता और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है।
योग विशेषज्ञों ने कराया अभ्यास
शिविर में पतंजलि योग समिति उत्तर प्रदेश के सह राज्य प्रभारी अचल हरीमूर्ति तथा मुख्य योग शिक्षक अरविंद कुमार ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास कराया।
योग विशेषज्ञों ने बताया कि महिलाएं सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम होती हैं। यदि महिलाएं योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं तो पूरे परिवार में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक वातावरण विकसित हो सकता है।
गर्भवती महिलाओं को दी गई विशेष सलाह
योग प्रशिक्षकों ने गर्भवती महिलाओं को योगाभ्यास के दौरान विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान कठिन योगासन और अत्यधिक शारीरिक परिश्रम वाले अभ्यासों से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार इस अवधि में अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, भ्रामरी और उद्गीथ प्राणायाम के साथ ध्यान का अभ्यास अधिक लाभकारी माना जाता है।
तनाव और अनिद्रा में भी लाभकारी है योग
योग विशेषज्ञों ने बताया कि भ्रामरी और उद्गीथ प्राणायाम का नियमित अभ्यास तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक होता है। इससे तनाव, बेचैनी, अनिद्रा और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
उन्होंने लोगों से प्रशिक्षित योग शिक्षक के मार्गदर्शन में नियमित योगाभ्यास करने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहने की अपील की।
योग अपनाकर बनाएं स्वस्थ समाज
शिविर में उपस्थित महिलाओं ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की एक प्रभावी जीवनशैली है, जिसे अपनाकर परिवार और समाज दोनों को स्वस्थ बनाया जा सकता है।


