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जौनपुर मेडिकल कॉलेज में 69 वर्षीय महिला की किडनी से निकाली 15.4 एमएम की पथरी

उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में 69 वर्षीय महिला की किडनी में मौजूद 15.4 एमएम की पथरी का शल्य उपचार किया गया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद मरीज ने चिकित्सकों से मिलकर आभार जताया।
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विश्वविद्यालय मेंछात्रों ने सौंपा 12 सूत्रीय ज्ञापन, दस दिन में कार्रवाई की मांग

कुलपति ने प्रबंध अध्ययन संकाय पहुंचकर छात्रों से किया सीधा संवादसुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सुनीं

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर मंगलवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष 12 सूत्रीय मांगें रखीं। छात्रा नेत्री ईश्विका सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समयबद्ध समाधान की मांग की। छात्रों का कहना था कि पूर्व में समस्याओं को लेकर संवाद और आश्वासन दिए जाने के बावजूद कई मुद्दे अब भी बने हुए हैं।

ज्ञापन सौंपे जाने के बाद कुलपति ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में जाकर स्थिति देखने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इसके बाद वह प्रबंध अध्ययन संकाय पहुंचे और छात्रों से सीधे संवाद किया। इस दौरान कुलसचिव विनोद कुमार और संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अविनाश पार्थिडकर मौजूद रहे।

कक्ष, फर्नीचर और प्रयोगशाला की सुविधाओं का मुद्दा

छात्रों ने प्रबंध अध्ययन संकाय में कक्षों, मेज-कुर्सी, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, पुस्तकालय, संगणक प्रयोगशाला और शिक्षण व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं कुलपति के सामने रखीं। छात्रों का कहना था कि विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के अनुरूप सुविधाओं का पर्याप्त विस्तार नहीं हुआ है।

मांगों में व्यवसाय प्रशासन के विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त कक्ष उपलब्ध कराने और वाणिज्य विषय के द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में अलग-अलग वर्ग संचालित करने की मांग शामिल है। संगणक विषय के लिए कार्यशील प्रयोगशाला और विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग भी छात्रों ने रखी।

छात्रों ने खराब संगणकों की मरम्मत कराने अथवा आवश्यकतानुसार उन्हें बदलने की मांग की। इसके साथ ही खराब फर्नीचर की मरम्मत और कक्षों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई।

शैक्षणिक भ्रमण शुल्क का भी उठाया मुद्दा

छात्रों ने व्यवसाय प्रशासन के विद्यार्थियों से शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर लिए गए चार हजार रुपये के शुल्क का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि जिन विद्यार्थियों को भ्रमण की सुविधा नहीं मिली, उनके शुल्क के संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जाना चाहिए। भविष्य में शैक्षणिक भ्रमण के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग भी की गई।

इसके अलावा नियमित जलपान गृह की व्यवस्था, केंद्रीय पुस्तकालय में पाठ्यक्रम के अनुरूप पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध कराने, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था तथा परिसर में नियमित साफ-सफाई कराने की मांग रखी गई।

दस दिनों में कार्रवाई की जानकारी देने की मांग

छात्रों ने कहा कि उनकी मांगें किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं हैं, बल्कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवश्यक सुविधाओं और पारदर्शिता से संबंधित हैं। उन्होंने मांगों पर दस दिनों के भीतर स्पष्ट और प्रभावी कार्रवाई की जानकारी देने की मांग की।

छात्रों ने कहा कि यदि निर्धारित अवधि में समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई नहीं होती है तो वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से छात्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मांगों पर आगे की कार्रवाई का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है।