भारतीय मूल के अरबपति पंकज ओसवाल अपनी बड़ी बेटी वसुंधरा को युगांडा भेजने के बाद काफी पछता रहे हैं। युगांडा में पंकज ओसवाल की बेटी को तीन हफ्ते से ज्यादता समय से कैद रखा गया है। अब बिजनेसमैन और उनकी पत्नी राधिका ओसवाल ने अपनी बेटी की रिहाई के लिए खुद को एक सीक्रेट जगह पर बंद कर लिया है। वसुंधरा ओसवाल को 1अक्टूबर को युगांडा में पुलिस अधिकारियों ने हिरासत में लिया था, अधिकारियों का दावा है कि यह एक लापता व्यक्ति से जुड़ी इनवेस्टिगेशन है। उनके परिवार का दावा है कि आरोप झूठे हैं, और जिस व्यक्ति का अपहरण करने का आरोप उन पर लगाया गया है, वह तंजानिया में जीवित और स्वस्थ है। वसुंधरा तीन साल से युगांडा में थीं, जहां वे पूर्वी अप्रâीकी देश में अपने परिवार की फैक्ट्री डेवलप कर रही थीं। उसके बाद से, वसुंधरा ने तीन हफ्ते जेल में बिताए हैं, जहां उन्हें काफी यातनाएं सहनी पड़ रही हैं, ऐसा उनके परिवार का कहना है। उनका कहना है कि हिरासत इललीगल है और 26 साल की वसुंधरा को बिना वारंट के गिरफ्तार किया गया था। रिद्धि ओसवाल ने बताया, ‘अगर मेरे माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया जाता है, तो वे मेरी बहन के लिए लड़ नहीं पाएंगे।’रिद्धि ने बताया कि उनके माता-पिता, पंकज और राधिका ओसवाल ने बाहरी दुनिया से संपर्क तोड़ दिया है और केवल उन लोगों से बात कर रहे हैं जो उनकी बहन की मदद कर सकते हैं।
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राम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु
जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुनाया। कैकेयी के वरदान, श्रीराम के त्याग और केवट की भक्ति की कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हुए।
Ugandan police put him in jail : बिजनेसमैन की बेटी को युगांडा पुलिस ने डाला जेल के अंदर


