विद्यार्थियों ने पुस्तकों का अध्ययन कर प्रस्तुत किए प्रमुख विचार और सीख, प्राध्यापकों ने किया मार्गदर्शन
जौनपुर। समोधपुर कॉलेज पुस्तक पठन कार्यक्रम के तहत गांधी स्मारक पीजी कॉलेज, समोधपुर में पुस्तक पठन एवं पुस्तक समीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रो. रणजीत कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साह और अनुशासन के साथ सहभागिता की।
पुस्तकों के अध्ययन से विकसित होता है सकारात्मक चिंतन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. रणजीत कुमार पाण्डेय ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। नियमित अध्ययन से न केवल ज्ञान में वृद्धि होती है, बल्कि सकारात्मक चिंतन और सृजनात्मक दृष्टिकोण का भी विकास होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकों का अध्ययन करने और अपने ज्ञान को व्यापक बनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने तैयार की पुस्तक समीक्षा
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न विषयों की पुस्तकों का अध्ययन किया। इसके बाद विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार पुस्तकों की समीक्षा तैयार की गई।
विद्यार्थियों ने समीक्षा में पुस्तक का परिचय, सारांश, प्रमुख विचार, पुस्तक से प्राप्त सीख और निष्कर्ष को शामिल किया। इस प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों ने पढ़ी गई पुस्तकों को समझने और अपने विचारों को व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
आलोचनात्मक और विश्लेषणात्मक लेखन पर दिया जोर
प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को पुस्तक पठन के महत्व के साथ ही आलोचनात्मक और विश्लेषणात्मक लेखन की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी पुस्तक को पढ़ने के साथ उसके विषय, विचार और संदेश को समझना भी आवश्यक है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि समोधपुर कॉलेज पुस्तक पठन कार्यक्रम विद्यार्थियों में अध्ययन संस्कृति, बौद्धिक जिज्ञासा और आलोचनात्मक चिंतन विकसित करने की दिशा में सार्थक पहल है। इससे विद्यार्थियों में साहित्य के प्रति रुचि बढ़ने के साथ अपनी बात को तार्किक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता भी विकसित होती है।
कार्यक्रम में प्रो. अरविंद कुमार सिंह, प्रो. राकेश कुमार यादव, प्रो. लक्ष्मण सिंह, डॉ. नीलमणि सिंह, डॉ. अवधेश कुमार मिश्रा, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. अविनाश कुमार वर्मा, डॉ. आलोक प्रताप सिंह विसेन, डॉ. वंदना तिवारी, डॉ. विष्णुकांत त्रिपाठी, विकास कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


