Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरजौनपुर में बारिश का इंतजार जारी, उमस से जनजीवन बेहाल; धान की...

जौनपुर में बारिश का इंतजार जारी, उमस से जनजीवन बेहाल; धान की फसल पर संकट

जौनपुर। जौनपुर में बारिश का इंतजार अभी भी खत्म नहीं हुआ है। गुरुवार को जिले के कई हिस्सों में रुक-रुककर हल्की बारिश हुई, लेकिन इससे न तो लोगों को उमस से राहत मिली और न ही किसानों की चिंता कम हुई। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस और अधिक महसूस की गई। कूलर और पंखों की हवा भी लोगों को राहत नहीं दे सकी।

जुलाई का पहला सप्ताह शुरू होने के बावजूद जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेती-किसानी प्रभावित होने लगी है। धान की रोपाई पूरी कर चुके किसान अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। खेतों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से धान की फसल सूखने की आशंका बढ़ रही है।

कई किसान ट्यूबवेल और निजी सिंचाई संसाधनों के सहारे खेतों में पानी पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ते खर्च ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।

मौसम विभाग ने जिले में बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही दर्ज की गई। आसपास के कुछ इलाकों में अपेक्षाकृत बेहतर वर्षा हुई, जबकि जौनपुर के अधिकांश हिस्से पर्याप्त बारिश से वंचित रहे। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी वर्षा नहीं हुई तो खेती के साथ-साथ जलस्रोतों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

नालियों की सफाई अधूरी, बारिश में जलजमाव का खतरा

नगर पालिका द्वारा कई क्षेत्रों में नालियों की सफाई कराई गई है, लेकिन अनेक मोहल्लों में अब भी सफाई कार्य अधूरा है। कालीकुत्ती, रूहट्टा और नगर पालिका बालिका विद्यालय के आसपास हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की पूरी सफाई नहीं कराई गई तो थोड़ी अधिक बारिश में भी सड़कों पर जलभराव हो जाएगा और आवागमन प्रभावित होगा।

धान की खेती पर संकट, किसान अच्छी बारिश का कर रहे इंतजार

अच्छी वर्षा नहीं होने से जिले के किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। धान की रोपाई के बाद खेतों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। किसान ट्यूबवेल और पाइप के जरिए सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्राकृतिक वर्षा का विकल्प नहीं हो सकता।

विशेषज्ञों के अनुसार समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने पर धान सहित अन्य खरीफ फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।

गोमती नदी का जलस्तर घटा, घाटों पर दिखने लगी गंदगी

बारिश की कमी का असर गोमती नदी पर भी दिखाई देने लगा है। जलस्तर घटने से घाटों के किनारे गाद और कचरा नजर आने लगा है। सद्भावना पुल सहित कई घाटों पर पहले की तुलना में लोगों की आवाजाही भी कम देखी जा रही है।

यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो नदी का जलस्तर और घट सकता है तथा गंदगी की समस्या भी बढ़ने की आशंका है।