जौनपुर। रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने का परिवहन निगम का दावा जौनपुर डिपो में अव्यवस्था के बीच खोखला साबित हुआ। बाहरी डिपो की बसों का रोडवेज बस स्टेशन पर आना लगभग पूरी तरह ठप रहा, जबकि जौनपुर डिपो से भी पर्याप्त बसें संचालित नहीं की गईं। इसके चलते भाइयों को राखी बांधने जा रही बहनों समेत अन्य यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा।
शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे से ही डिपो पर यात्री बसों की प्रतीक्षा में खड़े रहे, लेकिन बसें नदारद रहीं। यात्रियों का आरोप था कि वे घंटों से खड़े हैं, मगर बसों के आने-जाने को लेकर कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी जा रही थी। डिपो कर्मचारी यात्रियों को कभी जेसिज चौराहे से बस मिलने की बात कहते रहे तो कभी वाजिदपुर जाने की सलाह देते रहे। इससे यात्री इधर-उधर भटकते रहे।
घंटों बसों का इंतजार करते रहे यात्री
यात्रियों का कहना था कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर परिवहन विभाग को पहले से पर्याप्त बसों की व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन डिपो प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। महिलाओं और बच्चों के साथ आए यात्रियों को घंटों धूप और भीड़ में खड़े रहना पड़ा।
यात्रियों के अनुसार अधिकांश बसें जौनपुर शहर में प्रवेश करने के बजाय बाहर से ही बाईपास होकर निकलती रहीं। बसें सड़क से गुजरती रहीं, जबकि यात्री रोडवेज स्टेशन पर उनके इंतजार में खड़े रहे। बाहरी डिपो की बसों के नहीं आने और स्थानीय डिपो से पर्याप्त बसें नहीं मिलने के कारण मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ लेने पहुंचे यात्रियों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
89 निगम और 17 अनुबंधित बसों के संचालन का दावा
परिवहन निगम के अनुसार रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए 29 अगस्त की रात 12 बजे तक नि:शुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध है। महिला यात्री के साथ एक पुरुष सहयोगी को भी मुफ्त यात्रा की अनुमति दी गई है। जिले में 89 निगम और 17 अनुबंधित बसों के संचालन का दावा किया गया है।
हालांकि, जौनपुर डिपो पर शुक्रवार सुबह इन दावों के विपरीत बस सेवा व्यवस्था चरमराई नजर आई। यात्रियों ने आरोप लगाया कि डिपो पर न तो बसों की सही जानकारी दी जा रही थी और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
समय पर भाइयों के घर पहुंचने में हुई परेशानी
मुफ्त यात्रा की घोषणा के बावजूद बसें नहीं मिलने से बहनों को समय पर अपने भाइयों के घर पहुंचने में परेशानी हुई। यात्रियों का कहना था कि पर्व के दिन बसों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से मुफ्त यात्रा की सुविधा का उद्देश्य ही प्रभावित हुआ।
यात्रियों ने परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।


