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असलहे के बल पर 40 हजार रुपये और जरूरी दस्तावेज लूटने का आरोप

जौनपुर के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र में पदुमपुर तिराहे के पास दुकान से घर लौट रहे एक व्यक्ति से 40 हजार रुपये और जरूरी दस्तावेज लूटने का आरोप लगा है। पीड़ित की सूचना पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से मैगजीन मिलने की जानकारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और एक नामजद सहित तीन लोगों के खिलाफ दी गई तहरीर की जांच कर रही है।
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चार साल से मानदेय नहीं मिलने के आरोप में प्रधान-सचिव समेत पांच पर मुकदमा

न्यायालय के आदेश पर सुरेरी थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी, केयर टेकर ने जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और धमकी देने का भी लगाया आरोप

जौनपुर। सुरेरी थाना क्षेत्र के नोनरा गांव में सामुदायिक शौचालय की केयर टेकर को कथित तौर पर मानदेय नहीं मिलने के मामले में ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने मानदेय बकाया रखने के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, ग्राम प्रधान ने आरोपों को गलत बताया है।

वर्ष 2021 में नियुक्ति का दावा

नोनरा गांव निवासी बिंदु देवी पत्नी राजबहादुर के मुताबिक, वर्ष 2021 में रोशनी महिला स्वयं सहायता केंद्र के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत उनकी नियुक्ति सामुदायिक शौचालय में केयर टेकर के पद पर हुई थी। उनका कहना है कि उन्हें छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय और सफाई सामग्री के लिए तीन हजार रुपये प्रतिमाह मिलने थे। आरोप है कि उन्होंने अपने खर्च से सफाई सामग्री खरीदकर काम किया, लेकिन उन्हें एक महीने का भी भुगतान नहीं मिला।

अधिकारियों से शिकायत के बाद न्यायालय पहुंचीं

बिंदु देवी ने भुगतान की मांग को लेकर 19 जुलाई 2025 को मुख्य विकास अधिकारी और छह अक्टूबर 2025 को खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) सहित अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने दो दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी से भी शिकायत की। शिकायतकर्ता के अनुसार, भुगतान के संबंध में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की ओर से पत्र जारी होने के बावजूद उन्हें बकाया राशि नहीं मिली।

विवाद और धमकी देने का भी आरोप

प्रार्थना पत्र में बिंदु देवी ने आरोप लगाया कि 17 जून 2025 को ग्राम प्रधान के घर पर समरसेबल खराब होने की शिकायत और मानदेय मांगने के दौरान विवाद हुआ था। उन्होंने ग्राम सचिव राजकुमार उर्फ राजन, ग्राम प्रधान बदामा देवी, प्रधानपति सुभाषचंद्र और संबंधित अधिकारियों पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया।

अधिकारियों से कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह के माध्यम से न्यायालय का रुख किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता यादव के 19 मार्च 2026 के आदेश के बाद सुरेरी थाने में ग्राम सचिव राजकुमार उर्फ राजन, एडीओ पंचायत, एडीओ आईएसबी, ग्राम प्रधान बदामा देवी और प्रधानपति सुभाषचंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। दोनों सहायक विकास अधिकारियों के नाम-पते मुकदमे में अज्ञात बताए गए हैं।

प्रधान ने आरोपों को बताया गलत

प्रभारी थानाध्यक्ष गंगासागर मिश्र ने बताया कि शनिवार देर शाम मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर, ग्राम प्रधान बदामा देवी का कहना है कि सामुदायिक शौचालय वित्तीय वर्ष 2023-24 में बनकर तैयार हुआ था। उन्होंने वर्ष 2021 से लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया है।

मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मुकदमा दर्ज होना आरोपों के सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।