Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

राम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु

जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुनाया। कैकेयी के वरदान, श्रीराम के त्याग और केवट की भक्ति की कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हुए।
Homeअंतर्राष्ट्रीयIndia Pakistan Border : कश्मीरी युवक को पाकिस्तानी महिला इन्फ्लुएंसर से दिल...

India Pakistan Border : कश्मीरी युवक को पाकिस्तानी महिला इन्फ्लुएंसर से दिल लगाना पड़ा महंगा

India Pakistan Border : पाकिस्तान की सीमा हैदर और भारत के सचिन मीणा वाला मामला तो आपको याद ही होगा. जहां ऑनलाइन गेम खेलते हुए दोनों मिले और एक-दूसरे को दिल दे बैठे. प्यार हुआ, इजहार हुआ और फिर सीमा अपने बच्चों के साथ अपना मुल्क छोड़कर, प्रेमी से मिलने भारत पहुंच गई. अब इसी से मिलता-जुलता मामला गुजरात के कच्छ से सामने आया है. जहां पर एक शख्स ऑनलाइन संपर्क में आई एक महिला से मिलने के लिए सीमा पार कर पाकिस्तान में घुसने की कोशिश कर रहा था. जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया. शख्स का नाम इम्तियाज शेख बताया जा रहा है. 

असल में 36 साल के इम्तियाज शेख जम्‍मू-कश्‍मीर के बांदीपुरा जिले का रहने वाला हैं. सोशल मीडिया पर इम्तियाज को मुल्तान (पाकिस्तान) की एक  महिला इन्फ्लुएंसर पसंद आ जाती है. जिसके बाद वो महिला से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने का फैसला करता है. पाकिस्तान जाने के लिए वो गुजरात के कच्छ में सीमा के पास खावड़ा गांव पहुंचता है. इम्तियाज को लगा कि कच्छ से कानूनी तौर से पाकिस्तान में प्रवेश कर सकता है. इम्तियाज ने अधिकारियों से अनुमति प्राप्त करने के लिए स्थानीय निवासियों से सहायता मांगी. जैसे ही पुलिस को इस बात की जानकारी मिली वैसे ही इम्तियाज शेख को हिरासत में ले लिया गया. पुलिस ने बताया कि इम्तियाज ने यहां तक पहुंचने के लिए गूगल मैप का सहारा लिया और कच्छ पहुंच गया. पुलिस अधीक्षक सागर बागमर ने बताया कि इम्तियाज मुल्तान शहर की एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से प्रभावित था और उसने उस महिला इन्फ्लुएंसर से मिलने का फैसला किया. अधिकारियों ने मामले की जानकारी देते बताया कि इम्तियाज शेख को हिरासत में लेने के बाद सारी जांच की गई. जम्मू-कश्मीर में शेख के परिवार और स्थानीय पुलिस से भी तथ्यों के मिलान के लिए मदद ली गई. इसके बाद जब पुलिस को कोई खतरा नहीं लगा तो उसे छोड़ दिया गया. घुसपैठ को लेकर इस इलाके में सुरक्षा काफी सख्‍त रहती है.