पश्चिम बंगाल की पुरुलिया लोकसभा सीट से 9 बार सांसद चुने गए सीपीआई के पूर्व सांसद बासुदेब आचार्य का 81 साल की उम्र में सोमवार (13 नवंबर) को हैदराबाद में निधन हो गया. वरिष्ठ वामपंथी नेता बासुदेव को उम्र संबंधी बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया था. उनके निधन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुख व्यक्त किया है.
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पूर्व सांसद के निधन पर कहा कि वह एक ट्रेड यूनियन नेता और जबर्दस्त ताकत रखने वाले सांसद थे और उनके जाने से सार्वजनिक जीवन में काफी नुकसान होगा. सीएम ने उनके परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के प्रति संवेदना जताई. दिवंगत सांसद बासुदेब की एक बेटी विदेश में रहती है. उनके सिकंदराबाद लौटने के बाद ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. उन्होंने रेलवे और कृषि मंत्रालय की संसदीय स्टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन के रुप में रहते हुए रेलवेकर्मियों और किसानों के हित में अथक प्रयास किए और उनका सशक्तिकरण करने का काम किया. रेलवे कर्मचारियों के बीच वो ‘बासु दा’ के नाम से लोकप्रिय थे. वे एक अत्यंत सरल और मिलनसार व्यक्तित्व वाले नेता थे. बासुदेब के निधन पर सीपीआई (एम), पश्चिम बंगाल ईकाई ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल ‘एक्स’ पर शोक जताते हुए लिखा कि केंद्रीय समिति के पूर्व सदस्य, श्रमिक आंदोलन के अखिल भारतीय नेतृत्वकर्ता, पूर्व सांसद कॉमरेड वासुदेव आचार्य के निधन पर पार्टी गहरी शोक संवेदना जताती है. हम वाम-लोकतांत्रिक आंदोलन में उनके योगदान को सम्मानपूर्वक याद करते हैं.



