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मछलीशहर प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान

मछलीशहर के राजमहल पैलेस में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में विभिन्न विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व को समझते हुए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
Homeअपना जौनपुरस्थानांतरण के दो माह बाद भी नही हटे करंजाकला चिकित्सा प्रभारी

स्थानांतरण के दो माह बाद भी नही हटे करंजाकला चिकित्सा प्रभारी

  • सीएमओ के आदेश को डा अरूण यादव ने किया दरकिनार
  • आए दिन मरीजों से जमकर करता है दुर्व्यवहार

जौनपुर धारा, जौनपुर। करंजाकला का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सा प्रभारी के चलते सुर्खियों में है। स्थानांतरण के बाद दो महीने बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्र छोड़ने को तैयार नहीं है। सीएमओ के आदेश को दरकिनार जमे हैं और आए दिन मरीजों से दुर्व्यवहार का मामला सामने आ रहता है। जिसके विरोध मे कई बार मरीजो ने प्रदर्शन भी किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला के चिकित्सा प्रभारी डॉ.अरुण कुमार यादव का कार्यकाल सुर्खियों में है। कई बार मरीजों से दुर्व्यवहार करने के शिकायतों पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इनका स्थानांतरण एक अगस्त-2023 को केराकत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की रिक्त एनेस्थेटिस्ट के पद पर स्थानांतरण कर दिया गया और सीएमओ ने जोर देते हुए कहा की आदेश के अनुपालन मे शीघ्र स्थानीय व्यवस्था पर कार्य मुक्त होकर नई तैनाती स्थान पर कार्यभार ग्रहण कर दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें। कार्यभार ग्रहण करने के प्रमाण से अवगत कराऐ। लेकिन 01अगस्त से अब तक 2 माह बीत जाने के बाद भी चिकित्सा प्रभारी करंजाकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छोड़ने को तैयार नहीं है। आए दिन मरीजों से नोक झोक करते रहते हैं। सुविधा शुल्क लेने की भी शिकायते है। लेकिन यह स्वास्थ्य केन्द्र से जाने को तैयार नहीं है और ना ही यह शासन सत्ता को कुछ समझते हैं। डॉ.अरुण कुमार यादव अपनी कार्यशैली के चलते हमेशा सुर्खियो में रहते हैं। इनके स्थान पर चोरसण्ड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रभारी डॉक्टर आरिफ सर्फराज खान को बनाया गया और लेकिन डॉक्टर अरुण कुमार यादव के हठधर्मिता के चलते इन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाए।

करंजाकला के प्रभारी डॉ.अरुण कुमार यादव मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। जबकि सरायख्वाजा थाने से जब कोई घायल व्यक्ति मेडिकल मुआयना के लिए आता है। तो उनको भी कई घंटे इंतजार करता करना पड़ता है न रहने पर वापस जाना पड़ता है। रात में डॉक्टर ब्लॉक परिसर में भी नहीं रहते हैं, जिले के मछलीशहर क्षेत्र में स्थित अपने पैतृक निवास चले जाते हैं। इसके चलते भी मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।