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Homeअपना जौनपुरविद्यार्थी डिग्री के साथ-साथ उद्यमी और रोजगारदाता बनें : विक्रम सिंह

विद्यार्थी डिग्री के साथ-साथ उद्यमी और रोजगारदाता बनें : विक्रम सिंह

  • देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन तक पहुंचाने में युवा मदद करे : अनुराग  पटेल
  • उद्यम अभिमुखीकरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

जौनपुर धारा, जौनपुर। वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महन्त अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में शनिवार को उद्यम अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ट्रेनिंग प्लेसमेंट सेल और इन्क्यूबेशन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समारोह में बतौर मुख्य वक्ता उप्र. के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ.विक्रम सिंह ने कहा कि विद्यार्थी डिग्री के साथ-साथ उद्यमी और रोजगारदाता बनें, यहीं सरकार की मंशा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्थिति में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है। कानून-व्यवस्था के सुधरने से प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए भारी संख्या में उद्योगपति आ रहे हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियों की लाइन लगी है। उन्होंने कहा कि 2024 में दस लाख करोड़ का निवेश हुआ है। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि अगर आपके पास कोई भी आइडिया और इनोवेशन है। तो आप रोजगार के मोहताज नहीं रहेंगे। उन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा का वर्णन करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को दो करोड़ टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। विद्यार्थी इसका प्रयोग सकारात्मकता के साथ करें। 55 फीसदी हाइवे और 454 निवेश मित्र समेत कई बड़ी योजनाएं प्रदेश में हैं। इसी के साथ 19 हजार एमओयू साइन हुए हैं, इससे प्रदेश में 35लाख जॉब आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह साबित करता है कि प्रदेश विकास की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रगति के लिए फोकस, डेली इम्प्रूबमेंट और टाइम का मंत्र दिया। कहा कि इसे अपनाकर आप हमेशा अपनी प्रगति की राह आसान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राममंदिर और कई धर्म सर्किट ने रोजगार के साधन पैदा किए हैं। उन्होंने टेक्नालॉजी का जिक्र करते हुए कहा कि ड्रोन टेक्नालॉजी एआई ने हर काम को मुमकिन कर दिया है। विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्व विभाग के विशेष सचिव अनुराग पटेल ने कहा कि इस कार्यक्रम का प्रमुख मकसद विद्यार्थियों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आप पढ़-लिखकर सरकारी नौकरी की लालसा रखने की जगह उद्यमी बनकर नौकरीदाता बनें। उन्होंने कहा कि आप लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने अंदर जज्बा और जुनून पैदा करें। आंकड़े बताते हैं कि संगठित क्षेत्र में आठ फीसदी लोगों का 50फीसदी और असंगठित क्षेत्र में 52 फीसदी लोगों का 50फीसदी योगदान है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन तक पहुंचाने में युवा मदद करें। इसके पूर्व उपायुक्त उद्योग केंद्र हरिप्रताप सिंह ने सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया और उसकी योजनाओं पर जिले में जो काम हो रहा है उसकी रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए नोडल अधिकारी प्रो.अविनाश पाथर्डीकर ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखी और धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि विद्यार्थी अपनी क्षमता को विकसित कर आत्मनिर्भर बनें और उसका उपयोग राष्ट्रनिर्माण में करें। इस अवसर पर वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, उपकुलसचिव अमृतलाल, प्रो.विक्रम देव शर्मा, प्रो.प्रदीप कुमार, डॉ.प्रमोद यादव, डॉ.मनोज मिश्र, डॉ.आशुतोष कुमार सिंह, डॉ.सुनील कुमार, डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ.मनीष प्रताप सिंह, अखिलेश कुमार सिंह, डॉ.पुनीत धवन, सुशील प्रजापति, डॉ.वनिता सिंह, अंकित सिंह आदि थे।