सिकरारा।कथा प्रवचन सत्संग इत्यादि सनातन धर्म में मान कल्याण का एक मुख्य साधन है इससे मानव के अंदर बसे पाप को धोया जाता है कथा रूपी साबुन से पाप दुर्गुण रूपी मैल को धोया जाता है कथा वाचक स्वामी उमा दास जी महाराज द्वारा रसपान कराते हुए बताया गया स्वामी जी आज प्रथम दिन के कथा में कथा महात्मा बताते हुए कहा कि रामचर्चा से कथा श्रवण से आदमी के कई प्रकार के कर्ज उतरते हैं जिसमे मुख्य रूप से इंसान अपने जीवन काल में न चाहते हुए भी कई लोगों के कर्ज दार होते हुए जिसमें मात्र ऋण, सूर्य का ,पवन का और सबसे बड़ा पितृ ऋण उनका कहना हैं कि इस प्रकार सभी ऋणों से मुक्ति मिल सकती हैं साथ साथ मरणोपरांत और भगवान प्राप्ति भी होती हैं केवल भगवान के कथा प्रवचन सत्संग सुनने से यह बिना खर्च संतो के संग संगल से छुटकारा पाया जा सकता है महाराज द्वारा संगीतमयी रसपान से छेत्र के तमाम लोग तृप्त हुए इस कार्यक्रम का आयोजन समस्त छेत्र वासियों के सहयोग से ग्राम प्रधान संजय यादव व लौटान राम गुप्ता द्वारा किया गया हैं यह कार्यक्रम 6 मार्च से 12 मार्च तक चलेगा कथा दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक होती हैं।
― Advertisement ―
राम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु
जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुनाया। कैकेयी के वरदान, श्रीराम के त्याग और केवट की भक्ति की कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हुए।
लंबोदर नाथ शिवालय पर किया गया भव्य सप्ताहिक कथा का आयोजन

Previous article
Next article

