― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरराष्ट्रीयता की कमी का प्रतिफल था भारत विभाजन : प्रो. रणजीत

राष्ट्रीयता की कमी का प्रतिफल था भारत विभाजन : प्रो. रणजीत

  • साम्प्रदायिक सोच का परिणाम था भारत विभाजन : प्रो. राकेश कुमार यादव
  • भारत विभाजन स्मृति दिवस का हुआ आयोजन

जौनपुर धारा, जौनपुर। गांधी स्मारक पीजी कॉलेज समोधपुर में सोमवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. रणजीत कुमार पाण्डेय ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहाकि राष्ट्रवाद की कमी का प्रतिफल था भारत विभाजन। हम सभी में एकता का अभाव था इसीलिए हम बार-बार गुलाम हुए। बीज वक्ता के रूप में इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार यादव ने कहा कि सांप्रदायिक सोच का परिणाम था कि भारत विभाजन। विभाजन के परिणाम स्वरूप 10 लाख से अधिक लोग मारे गए तथा एक करोड़ 46 लाख लोग विस्थापित हुए। इस विभाजन के लिए हिंदू और मुसलमान जितने जिम्मेदार थे उस से बढ़कर अंग्रेज जिम्मेदार थे। अंग्रेजों ने अट्ठारह सौ सत्तावन के बाद से ही साम्राज्यवाद की सबसे बड़ी सूक्ति ‘बांटो और राज करो, की नीति के अनुसार हिंदुओं और मुसलमानों को लड़ाने का कार्य किया। प्रोफेसर अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि नेताओं की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का परिणाम था भारत विभाजन। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अविनाश वर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. पंकज सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. नीलम सिंह, डॉ. जितेंद्र कुमार, कार्यालय अधीक्षक बिंद प्रताप सिंह, गंगा प्रसाद सिंह, शिवमंगल सोनी तथा बड़ी संख्या में छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।

Share Now...