जौनपुर धारा,केराकत। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक मजदूर के 136वीं वर्षगाठ के अवसर पर मां दुर्गा ग्रामीण विकास समिति ने बेहड़ा गांव में पहुंच बैठक कर महिलाओं को जागरूक किया। मां दुर्गा ग्रामीण विकास समिति के प्रबंधक व सौहार्द फेलो नीरा आर्या ने ग्रामीण अंचल की महिलाओं को जागरुक करते हुए बताया कि मजदूर का मतलब हमेशा गरीब नहीं होता है। मजदूर वह इकाई है जो विभिन्न सफलता का अंग है फिर चाहे वह ईंट गाड़े से सना मजदूर हो या ऑफिस के फाइलों के बोझ तले दबा एक कर्मचारी हर वह इंसान जो संस्था के लिए काम करता है और उसके बदले पैसा लेता है। वह हर आदमी मजदूर है। हमारे संविधान के अनुच्छेद-23 भारत के प्रत्येक नागरिक को शोषण और अन्याय के खिलाफ लड़ने का अधिकार देता है। वह बंधुआ मजदूर प्रणाली उन्मूलन अधिनियम 1976 सभी वर्गों के आर्थिक एक वास्तविक शोषण को रोकता है। लेकिन हकीकत यह है कि पर्याप्त जागरूकता के अभाव में देश में बंधुआ मजदूरी वह मजदूरों के साथ शोषण का दौर अभी भी थमा नहीं है। सरकार को मजदूरो के शोषण के खिलाफ कानून के क्रियान्वयन और उलंघन को लेकर कार्यवाही में तेजी लानी होगी बंन्धुआ मजदूरी वह बाल मजदूरी के अभिशाप से समाज को मुक्त करने के लिए निर्णायक भूमिका का निर्वहन करना होगा और मजदूरों को शोषण के खिलाफ लड़ने और न्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए जागरूक करने के साथ ही विश्वास दिलाया गया कि उनके रोजगार पर किसी भी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा।
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बेहडा गांव में मां दुर्गा ग्रामीण विकास समिति ने महिलाओं को किया जागरूक

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