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Homeअपना जौनपुरबिन मौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

बिन मौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

एक हफ्ते में हुई दूसरी बारिश से गेहूं काला होने का बना डर

रामसरन यादव

जौनपुर धारा, केराकत। मौसम के बदलते तेवर से क्षेत्र के किसानों की परेशानी बढ़ा दी है, तेज हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल को अत्यधिक नुकसान हो रहा है। जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती है। विदित हो कि किसानों के खेत में लगी गेहूं की फसल समय से पक कर तैयार हो गई। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज हवा के साथ बारिश होने का अलर्ट जारी कर दी। फलस्वरूप इंद्रदेवता से बचने के लिए किसान पकी हुई गेहूं की फसल की कटाई दौनी करने में युद्ध स्तर पर जुट गए। बुधवार की दोपहर मौसम ने करवट बदली पहले धूल भरी आंधी ने जनजीवन अस्त व्यक्त कर दिया लोग घरों की खिड़की-दरवाजे बंद करने लगे। फिर तेज बारिश होने लगी। बारिश बंद होने के बाद किसान जब खेतों में पहुंचा तो तेज हवा में अस्त व्यस्त अवस्था में भींगी पड़ी फसल को देख मायूस हो गए। किसान भींगी पड़ी फसल को सूखने का इंतजार कर ही रहा था कि तीन दिन बाद अचानक रविवार की सुबह मौसम ने एक बार फिर करवट बदली और तेज धूल भरी हवा के साथ बारिश होने लगी। हफ्ते में दोबारा तेज हवा व बारिश में फसल को भींगते देख किसानों की चिंता बढ़ने के साथ ही गेहूं काला होने का डर भी सताने लगा। हालांकि अधिकांश किसानों ने बारिश के पहले ही गेहूं की कटाई पूरी कर ली।

बिन मौसम बारिश ने बड़ा दी है किसानों की चिंता : किसान नेता

बिन मौसम हुई बारिश को लेकर बोड़सर गांव निवासी किसान नेता अजीत सिंह डोभी ने बताया कि बारिश होने से जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली है वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। तीन बीघे गेहूं की फसल काट कर दौनी करने की तैयारी हो रही थी कि अचानक तेज हवा और बारिश हो गई जिससे लगभग 50त्न के आसपास का नुकसान उठाने के साथ ही गेहूं काला होने का डर भी सता रहा है।

मड़ाई के समय बारिश ने तोड़ी किसानों की रीढ़ : सुभाष

मड़ाई के समय हुई भारी बारिश पर टंडवा के प्रधान सुभाष यादव ने कहा कि इस बारिश ने किसानों की रीढ़ पर प्रहार किया हैं। इससे गेहूं के दाने व पशुओं के लिए संकट खड़ा हो जाएगा। क्योंकि बारिश में भीग जाने से गेहूं के बोझ में सड़न पैदा होगी।अगर मौसम सही रहा तो मड़ाई पंद्रह दिन बाद शुरू हो पाएगी। महंगे बीज,खाद,जोताई और बेमौसम बारिश ने किसानों को संकट में डाल दिया हैं।

इंसान से ज्यादा पशुओं पर है संकट के बादल : अतुल सिंह

बिन मौसम हुई बारिश को लेकर सेनापुर गांव निवासी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि फसल गीली हो जाने से काफी नुकसान होने के साथ ही गेहूं के मूल्य पर खास कर प्रभाव पड़ेगा।जिससे किसानों को आर्थिक संकट की मार भी झेलना पड़ सकता है।बारिश होने से पशुओं पर भी संकट के बादल छा गए।

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