वाराणसी. अगर आप वाराणसी जा रहे हैं और वहां स्टेशन पर भूख लग जाए तो फिर परेशान होने की जरूरत नहीं है. यहां बिना टिकट ट्रेन में बैठ कर न सिर्फ भोजन कर सकते हैं, बल्कि घंटों वाईफाई और अन्य सुविधाओं के साथ अपना वक्त भी बिता सकते हैं. रेलवे ने बनारस स्टेशन परिसर में कबाड़ से रेस्टोरेंट ऑन व्हील बनाया है जिसका शुभारम्भ कर दिया गया है. पैलेस ऑन व्हील के तर्ज पर इस रेस्टोरेंट को शाही लुक देने की पूरी कोशिश की गई है. रेलवे के अधिकारियों ने आज इसे विधिवत शुरू कर दिया और यह प्रयोग के तौर पर किया गया है. अगर यह प्रयोग सफल रहा तो कबाड़ हो चुकी ट्रेनों को सभी स्टेशनों पर पुरानी पटरियों पर फिर से लाया जाएगा और उसे रेस्टोरेंट बनाकर उससे भी राजस्व की प्राप्ति की जाएगी.
फिलहाल छपरा से बनारस के बीच में ही इकलौता ऐसा रेस्टूरेंट होगा जो रेलवे के कबाड़ से बनाया गया है. छपरा से बनारस जाने वाले यात्रियों को इसका आनंद मिलेगा. रेलवे के जनसंपर्क पदाधिकारी अशोक कुमार ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों के वैसे यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा जो छपरा से सहित अन्य मार्गों से होकर बनारस आते हैं और यहां लंबे समय तक ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है. इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (Enhm) अलोक केशरवानी, सहायक सुरक्षा आयुक्त उग्रसेन सिंह, रेस्टोरेंट संचालक अरुण सिंह एवं स्टेशन के कर्मचारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित थे. बनारसवासियों एवं रेल यात्रियों को बेहतरीन खान-पान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बनारस स्टेशन परिसर में पूर्वोत्तर रेलवे का यह पहला रेस्टोरेंट ऑन व्हील है, जिसकी पहल रेल राजस्व को बढ़ाने के लिए की गई है. यह रेस्टोरेंट एक अनूठी पहल है जिसमें आम जन एवं रेल यात्रियों को अनोखेपन के अहसास एवं लजीज व्यंजनों के साथ-साथ फ्री वाई-फाई, वीडियो पैनल पर दर्शनीय स्थलों की जानकारी जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी. इस रेस्टोरेंट की स्थापना के लिए रेलवे ने बनारस स्टेशन परिसर में स्थान के साथ एक परित्यक्त कोच एवं रेलवे ट्रैक उपलब्ध कराया गया, जिसका रंगरोगन एवं साज-सज्जा रेस्टोरेंट संचालक द्वारा व्यवसायिक दृष्टिकोण से करवा कर वर्तमान स्वरूप दिया गया.



