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Homeअपना जौनपुरबिजली विभाग की मनमानी बढ़ा रहीं उपभोक्ताओं की परेशानी

बिजली विभाग की मनमानी बढ़ा रहीं उपभोक्ताओं की परेशानी

  • आवेदन के बाद आवेदकों से स्टीमेट बता कर होती है वसूली
  • स्वयं सुविधा शुल्क न मिलने पर निरस्त कर दिया जाता है आवेदन

जौनपुर धारा, जौनपुर। नगर क्षेत्र में विद्युत विभाग की मनमानी चरम पर है। नए कनेक्शन के आवेदकों से भी सत्यापन के नाम पर जेई और लाइनमैन की मिलीभगत से धनउगाही के नए-नऐ पैतरें आजमाएं जातें हैं। बिजली विभाग का नियम है कि आवेदक का घर अगर बिजली के खंभे से 40 मीटर की दूरी पर है तो उसे कोई चार्ज नहीं देना होगा, लेकिन दूरी चाहे जितनी हो बिना जेई की जेब गर्म किए सत्यापन करवा पाना बहुत मुश्किल है। पहले तो जे.ई.द्वारा नए कनेक्शन पर किसी न किसी बहाने से आपत्ति लगाया जाता है और पार्टी के सम्पर्क करने पर उनसे वसूली की बात होती है। कनेक्शन के लिए आवेदन किये उपभोक्ताओं से जेई पांच हजार से लेकर 15 हजार रुपये की डिमांड करतें है और इस रकम की कोई रसीद भी नहीं दी जाती है। जो इनके मांग को पूरा नहीं कर पाते उनका कनेक्शन या तो निरस्त कर दिया जाता है या तो सीफ्टींग का 41 से 45 हजार तक का डिमांड बनाकर भेज दिया जाता हैं।

बता दें कि बिजली का नया कनेक्शन लेने की व्यवस्था पूर्णत: आनलाइन है। जिसके लिये विभागीय वेबसाइट से आवेदन करना होता है, जिसके बाद वह आवेदन विभागीय पोर्टल पर जाता है। जिसपर औपचारिकता पूरी करवाकर जेई को रिपोर्ट लगानी होती है, जबकि अधिकांश मामलों में जेई मौके पर न जाकर लाइनमैन से रिपोर्ट लगवातें है, इन्ही औपचारिकता को पूरी कराने व रिपोर्ट लगाने के नाम पर आवेदकों का शोषण हो रहा है। लाइनमैन आवेदक से संपर्क साधता है और रिपोर्ट लगवाने के नाम पर घर और खंभे की दूरी का हवाला देकर पांच से 15 हजार रुपये के बीच लेन देन तय कराता है। अगर किसी ने रकम देने में आनाकानी की तो जेई की रिपोर्ट में औपचारिकता पूरी न होने का जिक्र या तो स्टीमेट बनाकर भेज दिया जाता है या आवेदन निरस्त कर की संस्तुति कर दी जाती है। जिसके बाद आवेदक को दोबारा इसी प्रक्रिया को अपनाना पड़ता है। नगर क्षेत्र के अकबरपुर आदम निवासी भावना राय ने बताया कि उन्होंने नये कनेक्शन के लिये आवेदन किया था। उन्होने पहला आवेदन 16 जून और निरस्त होने के बाद उसी परिसर पर दूसरा आवेदन 09 जुलाई तथा उसी का तीसरा आवेदन 20 सितम्बर 2023 को किया था। उनका आरोप है कि उनके तीनों आवेदन को परिसर से आवेदक की अधिक दूरी बताकर 43,341रूपये के लागत का स्टीमेट बनाकर पकड़ा दिया।

उन्होने बताया कि परिसर पर कनेक्शन देने के लिये जेई,ए.के सिंह ने 10 हजार रूपये की मांग की है जोकि इधर काफी दिनों से शोसल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। बता दें कि भानवा राय एक विधवा महिला है और किसी तरह अपना और अपने बेटी का पालन पोषण करतीं हैं। जबकि जिस स्थान पर के लिये जेई स्टीमेट की बात कर रहें है वहाँ पहले से ही पोल (खम्भे) लगे दिखाई पड़ रहें है और जिस परिसर पर उन्होने कनेक्शन देने में मना किया उसके आस-पास पहले से ही काफी दूरी के लगभग कनेक्शन दिये गये हैं। अब सवाल यह उठता है कि उक्त स्थान अन्य लोगों को कनेक्शन वैâसे दिया गया? जब वहाँ पहले से ही कनेक्शन दिये गये हैं तो जरूर उन उपभोक्ताओं से वसूली की गई होगी जो वर्तमान में उपरोक्त स्थान पर बिजली का उपयोग कर रहें हैं। वहीं दूसरी तरफ यह भी देखा गया जिस स्थान पर शििंफ्टग के स्टीमेट दिया गया है वहां लगभग एक माह पहले ही पोल लगाये जा चुकें हैं। बावजूद इसके अभी तक उक्त खम्भों पर सरकारी तार नहीं दौड़ सका। इसका कारण क्या है यह तो जाँच का विषय है, लेकिन सिपाह पावर हाउस के जेई की पहले से ही बहुत शिकायत मिलती रही है। उनके क्षेत्र में कई लोगों के यहाँ बिना कनेक्शन ही खुलेआम बिजली उपयोग किया जा रहा है। बिजली विभाग के इन अधिकारियों के कारण ही सरकार के हर घर बिजली की मंशा पर पानी फिर रहा है। जितने आरोप इनके ऊपर लग रहें है वह तो जाँच का विषय है लेकिन उपभोक्ताओं के साथ यह शोषण और कब तक चलता रहेगा यह गम्भीर विषय है। ऐसी अवस्था में विद्युत उपयोग के लिये लोग बिजली चोरी करने तक को मजबूर रहतें हैं।

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