- सिटी मजिस्ट्रेट के विरोध में बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष ने भरी हुंकार
- कहा, 16 अगस्त से कुर्सी पर नहीं बैठने देंगे सिटी मजिस्ट्रेट को
जौनपुर धारा, जौनपुर। बिगड़ती कानून व्यवस्था और अधिवक्ताओं पर अत्याचार को लेकर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने सोमवार को विरोध दिवस मनाया। अधिवक्ता साहिल का उत्पीड़न व जेल भेजने को लेकर अधिवक्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी किया। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन व वाराणसी के अधिवक्ता हरिशंकर सिंह व पूर्व चेयरमैन अरुण त्रिपाठी भी आकर अधिवक्ताओं के आंदोलन में शामिल हुए। कहा कि यदि 15 अगस्त तक सिटी मजिस्ट्रेट का निलंबन या ट्रांसफर नहीं होता तो वाराणसी के अधिवक्ता यहां आकर आंदोलन करेंगे और सिटी मजिस्ट्रेट को भी बैठने नहीं देंगे। अधिवक्ताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री तक सिटी मजिस्ट्रेट का मामला पहुंच चुका है। जल्द ही शुभ समाचार मिलने की उम्मीद है। अधिवक्ताओं से सर्टिफिकेट आफ प्रैक्टिस के नाम पर 500 रूपये की मांग पर हरिशंकर सिंह ने बताया कि यह बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा किया गया है। इसे हम लोग काला कानून मानते हैं। यहां के अधिवक्ताओं ने कहा कि हम लोग इसका विरोध करेंगे। सुबह 10:30 से 3 बजे तक अधिवक्ता लगातार सड़क पर टेंट लगाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए वक्तव्य देते रहे। इस अवसर पर अध्यक्ष जितेंद्र नाथ उपाध्याय, मंत्री अनिल सिंह, तेज बहादुर सिंह, प्रेम शंकर मिश्रा, समर बहादुर यादव, अरुण प्रजापति, शरदेंदु चतुर्वेदी, मंजू शास्त्री, संतोष प्रजापति, हरिवंश उपाध्याय, हिमांशु श्रीवास्तव, निसार अहमद, मोहम्मद खालिद, उमर फारूकी, मनजीत कौर, सरिता यादव आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।



