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आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में 527.11 लाख की कृषि कार्ययोजना मंजूर

विकास भवन में आयोजित आत्मा योजना की बैठक में 527.11 लाख रुपये की कृषि कार्ययोजना स्वीकृत की गई। किसानों के प्रशिक्षण, कृषि नवाचार और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई।
Homeअपना जौनपुरप्रकृति संवाद के अन्तर्गत संत निरंकारी मिशन ने निभायी अहम भूमिका

प्रकृति संवाद के अन्तर्गत संत निरंकारी मिशन ने निभायी अहम भूमिका

जौनपुर धारा, जौनपुर। सतगुरु के आदेशानुसार निरंकारी मिशन की ओर से प्रकृति को दोहन से बचाने हेतु समय-समय पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। इसी संदर्भ में गैर राजनीतिक संगठन द्वारा दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में ‘प्रकृति संवाद’ कार्यक्रम का भव्यरूप में आयोजन किया गया। जिसमें संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव आदरणीय जोगिन्दर सुखीजा एवं मेम्बर इंचार्ज राकेश मुटरेजा सहित अनेक गणमान्य अतिथि, समाज सेवक, गैरसरकारी संगठन, मंत्रीगण तथा पत्रकारों की उपस्थिति रही। यह जानकारी स्थानीय मीडिया सहायक उदय नारायण जायसवाल ने देते हुए बताया कि आदरणीय जोगिन्दर सुखीजा के नेतृत्व में निरंकारी मिशन द्वारा समाज कल्याण एवं प्राकृतिक संरक्षण हेतु चलाई गई अनेक परियोजनाओं की सम्पूर्ण जानकारी को एक पी.पी.टी. के माध्यम से दर्शाया गया। इसके साथ ही संत निरंकारी चैरिटेबल फाउण्डेशन द्वारा एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिसमें पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने हेतु मिशन द्वारा चलाई जा रही अनेक अहम परियोजनाओं में वननेस वन, अमृत प्रोजेक्ट, वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान, तलाशरी इत्यादि प्रमुख है जिसे देखकर सबका हृदय प्रसन्न हो उठा। इस कार्यक्रम में अनेक वक्ताओं ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा के महत्व को समझने पर चर्चाएँ करी। सतगुरु माता सुदीक्षा भी अक्सर अपने विचारों में प्रकृति को अत्यधिक सुंदर बनाने हेतु यही आहृवान करते है कि हमें जो यह प्रकृति इतने सुंदर रूप में मिली है इसे हमें और अधिक सुंदर रूप में छोड़कर जाना है। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के लगभग 500स्वयंसेवकों ने सतगुरु के आशीर्वाद से नीली टी-शर्ट में सुसज्जित होकर तनमयतापूर्वक अपनी सेवाओं को निभाते हुए। इस कार्यक्रम में सम्मिलित लगभग हजारों की संख्या में व्यक्तियों को भली प्रकार से नियंत्रित किया। निसंदेह इस प्रकृति संवाद एवं ऐसी अनेक परियोजनाओं का उद्देश्य हमारी धरा को स्वच्छ, सुंदर एवं निर्मल बनाना है जिसमें मिशन भी सतगुरु माता सुदीक्षा के आह्वान पर बहुमूल्य सहयोग देते हुए अपनी एक अहम् भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के समापन सत्र पर जलपान का समुचित प्रबंध संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा ही किया गया।