भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान डायना एडुल्जी ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार झेलनी वाली हरमनप्रीत एंड कंपनी को बुरी तरह फटकार लगाई है। डायना एडुल्जी का कहना है कि खिलाड़ियों को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से वह सब मिल रहा है, जिसकी उन्हें आवश्यकता है। यहां तक पुरुषों के समान सैलरी भी। ऐसे में उन्हें अब प्रदर्शन करने की जरूरत है। डायना एडुल्जी का मानना है कि खिलाड़ियों के साथ अब सख्ती से पेश आने की जरूरत है। उन्होंने यहां तक कहा कि भारतीय टीम को डंडे की आवश्यकता है। डायना एडुल्जी को यह कहने में कतई झिझक नहीं है कि भारत की अंडर-19 महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका में सीनियर खिलाड़ियों के प्रयास की तुलना में अपने विजयी टी20 विश्व कप अभियान के दौरान बेहतर क्षेत्ररक्षण किया। डायना एडुल्जी का मानना है कि अगर ‘यो यो’ टेस्ट होता है तो सीनियर टीम की 15 में से 12 खिलाड़ी फेल हो जाएंगी। मौजूदा परिस्थिति में महिला क्रिकेट में यो-यो टेस्ट अनिवार्य हो जाता है। 33 महीने तक बीसीसीआई को चलाने वाली सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त समिति का हिस्सा रहीं एडुल्जी गुरुवार 23 फरवरी 2023 को केपटाउन में टी20 विश्व कप के पहले सेमीफाइनल में भारतीय टीम की फील्डिंग देखकर हैरान थीं। डायना एडुल्जी ने कहा, ‘मैं दक्षिण अफ्रीका में टी20 विश्व कप में भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन से बहुत निराश हूं। हाल ही में जूनियर टीम द्वारा अंडर-19 विश्व कप जीतने के बाद भारत के पास एक और विश्व खिताब जीतने का शानदार मौका था। दुर्भाग्य से, सीनियर टीम अपने मैचों के दौरान मजबूत दावेदार नहीं दिखी। डायना एडुल्जी ने कहा, ‘हम भाग्यशाली थे कि आयरलैंड के खिलाफ मैच भारत डकवर्थ लुईस प्रणाली से 5 रन से जीत गया। अन्यथा, हम सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच पाते। हमने आत्मसमर्पण नहीं किया जैसा कि हमने 2020 विश्व कप में किया था। हमने लड़ने की कोशिश की लेकिन पूरे टूर्नामेंट के दौरान गलतियों के कारण हमें फाइनल में जगह नहीं मिली। पहले फील्डिंग और फिर गेंदबाजी। डायना इडुल्जी ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, ‘फिटनेस का खराब स्तर टीम की साधारण फील्डिंग और विकेटों के बीच दौड़ के लिए जिम्मेदार है।’ अगले साल सितंबर में एक और टी20 विश्व कप होना है। डायना एडुल्जी चाहती हैं कि बीसीसीआई राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी से तदर्थ आधार पर कर्मियों को लेने के बजाय महिला टीम में स्थायी सहायक स्टाफ नियुक्त करे। डायना एडुल्जी ने मौजूदा टीम के फिटनेस स्तर की आलोचना करते हुए कहा कि अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम फिट दिख रही है। उन्होंने कहा, ‘मैंने U-19 टीम को सीनियर्स की तुलना में अधिक फिट पाया। उन्होंने फाइनल में चोक नहीं किया। 2017 से 2023 तक (सीनियर टीम के लिए) वही पुरानी कहानी है। डायना ने कहा, ‘बीसीसीआई को खिलाड़ियों की फिटनेस का उचित आकलन करना चाहिए। मैं जानती हूं कि महिलाओं के लिए यो-यो टेस्ट थोड़ा कठिन होता है। 15 में से 12 खिलाड़ी उस परीक्षा में फेल हो जाएंगी, लेकिन स्वीकार्य फिटनेस मानकों के लिए आपके पास उनके लिए एक अलग मानदंड है। अभी इस मोर्चे पर कोई जवाबदेही नहीं है। डायना एडुल्जी ने कहा, ‘उन्हें (भारतीय महिला टीम को) शीर्ष पर पहुंचाने के लिए डंडे की जरूरत है। (BCCI को चाबुक चलाने की जरूरत है)। आपको बीसीसीआई से सब कुछ मिल रहा है जिसमें समान सैलरी भी शामिल है। हर बार जब आप एक जीतने वाला मैच हारते हैं। डायना ने कहा, ‘…तो यह एक आदत (हारने की) बन गई है। बीसीसीआई को कड़े फैसले लेने होंगे और खिलाड़ियों की मांगों के आगे नहीं झुकना होगा। भविष्य के लिए एक उचित रणनीति बनाएं। हम इस स्टार कल्चर को खत्म करने की जरूरत है। इस तरह काम नहीं चलेगा। डायना एडुल्जी ने कहा, ‘दो सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना प्रदर्शन नहीं कर रही हैं। स्मृति ने भले ही दो अर्द्धशतक लगाए हों, लेकिन वे फिफ्टीज महत्वहीन थीं। उसे जिम्मेदारी लेनी होगी। यह 20 ओवर का खेल है। अगर हम सातवें और आठवें नंबर के बल्लेबाज से प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। डायना ने कहा, ‘हमारे पास टीम में चार बल्लेबाज हैं, जो सभी विश्व स्तरीय हैं। अब समय आ गया है कि हम शैफाली को आईना दिखाएं। वह युवा है, लेकिन सिर्फ इसलिए कि वह एक किशोरी है इसका मतलब यह नहीं है कि खराब बल्लेबाजी करने के बाद वह जवाबदेही से बच सकती है। वह पिछले चार साल से सीनियर टीम में खेल रही है। शैफाली ने अभी अपना विकेट फेंका है।
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पूर्व कप्तान ने लगाई हरमनप्रीत एंड कंपनी को लताड़


