Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

श्रमजीवी एक्सप्रेस में छूटे तीन बच्चे, जीआरपी ने मां से मिलाया

श्रमजीवी सुपरफास्ट एक्सप्रेस में वाराणसी कैंट स्टेशन पर मां के ट्रेन से उतरने के बाद तीन बच्चे अकेले रह गए। जौनपुर जीआरपी ने चेकिंग के दौरान बच्चों को सुरक्षित बरामद किया और पहचान व तस्दीक के बाद उनकी मां से मिलाया।
Homeअंतर्राष्ट्रीयपीएम मोदी की आज आठ देशों के नेताओं के साथ हो सकती...

पीएम मोदी की आज आठ देशों के नेताओं के साथ हो सकती है द्विपक्षीय बैठक

इंडोनेशिया के बाली में जी20 इवेंट के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को 16 में से कम से कम 8 देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया, स्पेन, फ्रांस, सिंगापुर, जर्मनी, इटली, ऑस्ट्रेलिया और लंदन के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं. माना जा रहा है कि बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.

इससे एक दिन पहले पीएम मोदी ने जी-20 समिट में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के नए पीएम ऋषि सुनक से मुलाकात की. इसके अलावा पीएम मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रुटे, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष मैकी सैल, विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड माल्पस, WHO के प्रमुख टैड्रॉस, IMF की एमडी क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और डेप्यूटी एमडी गीता गोपीनाथ से भी मुलाकात की.

यूक्रेन संकट रोकने पर पीएम का जोर

पीएम मोदी ने एक दिन पहले खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा पर आयोजित सत्र को संबोधित भी किया था. यहां उन्होंने एक बार फिर रूस और यूक्रेन युद्ध का जिक्र किया. वह बोले- मैं बार बार कह रहा हूं कि हमें यूक्रेन में युद्ध रोकने के लिए कूटनीति के रास्ते पर लौटने का समाधान खोजना होगा.  पीएम ने कहा कि पहले दूसरे विश्व युद्ध ने दुनिया में कहर बरपाया. इसके बाद उस समय के नेताओं ने शांति का मार्ग अपनाने का गंभीर प्रयास किया. अब हमारी बारी है. मालूम हो कि सितंबर में समरकंद में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में भी पीएम मोदी ने यूक्रेन रूस युद्ध को खत्म करने और मसले को शांति से हमल करने पर जोर दिया था.

इन मुद्दों को भी पीएम ने उठाया

पीएम मोदी ने कहा कि क्लाइमेट चेंज, कोविड महामारी, यूक्रेन का घटनाक्रम और उससे जुड़ी वैश्विक समस्याएं, इन सब ने मिल कर विश्व में तबाही मचा दी है. ग्लोबल सप्लाई चेन तहस-नहस हो गई हैं. पूरी दुनिया मे जीवन-जरूरी चीजें, essential goods की सप्लाई का संकट बना हुआ है. हर देश के गरीब नागरिकों के लिए चुनौती और गंभीर है. वे पहले से ही रोजमर्रा के जीवन से जूझ रहे थे, उनके पास दोहरी मार से जूझने की आर्थिक क्षमता नहीं है. यूएन जैसी मल्टीलैटरल संस्थाएं इन मुद्दों पर निष्फल रही हैं. हम सभी इनमें उपयुक्त रिफॉर्म करने में असफल रहे हैं.

दुनिया में बजता है हिंदुस्तान का डंका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान बाली में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया. इस दौरान पीएम ने कहा कि आज का भारत छोटा सोचता ही नहीं है. अब दुनिया में हिंदुस्तान का डंका बजता है.

मोदी ने कहा कि भारत दायित्व के साथ आगे बढ़ने के लिए संकल्पबद्ध है.आज भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी है. आज भारत बड़े लक्ष्य तय कर रहा है. भारत का टैलेंट, भारत की तकनीक, भारत का इनोवेशन और भारत की इंडस्ट्री ने आज दुनिया में अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि 2014 के पहले और 2014 के बाद भारत में स्पीड और स्केल का बहुत बड़ा फर्क आया है. आज भारत अभूतपूर्व स्पीड से काम कर रहा है और अप्रत्याशित स्केल पर काम कर रहा है.

विपक्ष के निशाने पर आए पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की है. यह दोनों की औपचारिक मुलाकात नहीं थी. इस मुलाकात के बाद पीएम मोदी विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं. कांग्रेस और AIMIM ने मुलाकात पर पीएम मोदी और बीजेपी को गलवान घाटी की घटना याद दिलाई है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर तंज कसा- साहेब ने लाल आंख नहीं दिखाई?  वहीं कांग्रेस ने ट्वीट कर गलवान में शहीद हुए जवानों की लिस्ट जारी कर दी. पीएम मोदी ने जिनपिंग से सितंबर में समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में कोई बातचीत नहीं की थी. दोनों नेताओं ने आखिरी बार नवंबर 2019 में द्विपक्षीय बैठक की थी. इसके बाद 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और जिनपिंग की यह पहली मुलाकात है.