- एजेंसी की गड़बड़ी के चलते चार प्राइवेट छात्रों का था लिस्ट में था नाम
- टीडी कॉलेज के आपत्ति के बाद पकड़ में आया मामला
जौनपुर धारा, जौनपुर। वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्विवद्यालय दीक्षांत समारोह की तैयारी को लेकर दिन-रे जुटा हुआ है। वहीं गोल्ड सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले गोल्ड मेडल की सूची में विद्या परिषद परीक्षा समिति के अनुमोदन के बाद परिवर्तन किया गया। यह गड़बड़ी एजेंसी के द्वारा की गई थी। जिसे लेकर तमाम सवाल उठने लगे हैं। दीक्षांत समारोह में सम्मानित करने के लिए वर्ष 2023 में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्नातक परास्नातक के गोल्ड मेडल की सूची तैयार की गई और सूची जारी करके विश्वविद्यालय ने आपत्ति भी मांगा जिसके बाद सूची में परिवर्तन हुआ। फाइनल सूची पर बैठक कर निर्णय किया गया। इस बाद परीक्षा समिति, विद्या परिषद की बैठक हुई। जिसमें सूची को अनुमोदित किया गया और सभी सूची धारकों को लेटर भी विश्वविद्यालय जारी कर दिया। इस क्रम में फिलासफी में आदर्श वर्मा टीडी कॉलेज जौनपुर, पॉलिटिकल साइंस में श्वेता सिंह टीडी कॉलेज जौनपुर, संस्कृत में अंकित सिंह टीडी कॉलेज जौनपुर, सोशलॉजी में दीपिका मिश्रा टीडी कॉलेज जौनपुर का नाम शामिल था। जिसे परीक्षा समिति विद्या परिषद ने अनुमोदन कर फाइनल कर दिया और इन छात्रों में भी खुशी थी। लेकिन जब टीडी कॉलेज को उनकी जानकारी हुई ऐसे छात्रों की नाम तलाश में लगा तो संस्थागत छात्रों में एक भी छात्र नहीं पाए गए। जिसने टीडी कॉलेज ने विश्वविद्यालय में आपत्ति दर्ज कर दी कि यह पात्र छात्र नहीं है और किस तरह आए, खोजबीन की गई तो पता चला यह चारों छात्र प्राइवेट हैं। एजेंसी की इतनी बड़ी लापरवाही के चलते इनका परीक्षा समिति, विद्या परिषद से सूची का अनुमोदन हो गया। जब मामले का खुलासा हुआ तो विश्वविद्यालय के हाथ पैर फूल गए। आनन-फानन में बिना परीक्षा समिति विद्या परिषद को खबर दिए ही सूची में परिवर्तन किया गया। जिसके बाद अब फिलासफी में तोता मैना बुअरडीकर मडियाहूँ पीजी कॉलेज, पॉलिटिकल साइंस में शाह जैनिस कुमार राष्ट्रीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सुजानगंज जौनपुर, संस्कृत में कामना पाण्डे टीडी कॉलेज जौनपुर, सोशियोलॉजी में अनुज पटेल रघुनंदन केसु किशन देव महाविद्यालय देवचंदपुर गाजीपुर का नाम पात्रता की सूची में आया और उसे सूची में शामिल किया गया। उधर पुराने छात्रों ने विरोध जताया कि हमें सूची में शामिल कर बाहर किस लिए किया गया है। इधर सही छात्रों का नाम आने से सभी ने खुशी जाहिर किया। विश्वविद्यालय की यह लापरवाही में काफी लोगों ने सवाल खड़े कर दिए कि अगर कर्मचारियों की गड़बड़ी होती तो उनके नाम सीधे एफआईआर दर्ज कर दिया जाता और एजेंसी की गड़बड़ी है उसे पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले पर परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह की भी जिम्मेदारी बनती थी और लेकिन बिना परीक्षा समिति और विद्या परिषद के अनुमोदन के इन चार छात्रों का नाम तो शामिल कर लिया गया। अभी इन्हें कार्य परिषद में रखा जाएगा जिसमें उनके नाम पर मुहर लगेगी। कई कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि इस मामले एजेंसी व परीक्षा नियंत्रक के ऊपर कार्रवाई होना चाहिए। बता दे गोल्ड मेडल सूची में अब स्नातक में छात्रों की संख्या 20 हो गई है। स्नातकोत्तर में छात्रों की संख्या 48 है। जिसमें जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ कालेजो के कॉलेज के सर्वोच्च पाने वाले छात्रों को शामिल किया गया है।


