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राम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु

जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुनाया। कैकेयी के वरदान, श्रीराम के त्याग और केवट की भक्ति की कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हुए।
Homeअंतर्राष्ट्रीयजर्मनी के चरम दक्षिणपंथी समूह के 25 लोगों को किया गिरफ्तार

जर्मनी के चरम दक्षिणपंथी समूह के 25 लोगों को किया गिरफ्तार

भारत जब गुजरात-हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव की गिनती और नतीजों की खबरों से छाया हुआ था तो यूरोप के सबसे बड़े मुल्क में जर्मनी में सुरक्षा एजेंसियां तख्तापलट की साजिश नाकाम करने के लिए छापेमारी कर रही थी. जर्मनी के चरम दक्षिणपंथी समूह के 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो निर्वाचित सरकार को हटाकर राजशाही स्थापित करना चाहते थे. जर्मनी की राष्ट्रीय अपराध निरोधक पुलिस एजेंसी बीकेए के अनुसार देशभर में 50 से अधिक संदिग्ध लोगों के परिसरों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई. साथ ही 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

आरोप है कि गिरफ्तार किए गए सभी लोग जर्मनी में हिंसा के जरिए लोकतांत्रिक सरकार को हटाने और एक नई व्यवस्था लागू करने का षड्यंत्र रच चुके थे. इसके लिए बाकायदा एक समूह तैयार कर लोगों को उससे जोड़ा गया था. इस समूह का मुखिया जर्मनी के एक पूर्व शाही खानदान का सदस्य हेनरी अष्टम है. जर्मन सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इस योजना पर नवंबर 2021 से तेज़ी से काम हो रहा था. गोपनीय तरीके से यह समूह न केवल अपनी योजना को बढ़ा रहा था बल्कि इसका दायरा भी बढ़ा रहा था. इसके तहत सदस्यों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी. षड्यंत्र की भनक मिलते ही जर्मन एजेंसियों ने सावधानी के साथ इस पूरे षड्यंत्र पर नज़र रखी गई. वहीं 8 दिसंबर को जर्मनी के 11 प्रांतों में एक साथ छापेमारी कर इस साजिश का भंडाफोड़ किया गया. जर्मन सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि तख्तापलट की साजिश रचने वाले समूह और उसके रिंग लीडर ने रूस के प्रतिनिधियों से भी सम्पर्क किया, ताकि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद मित्र देशों की सेनाओं के साथ जिस तरह पावर शेयरिंग समझौता किया गया, उसी तरह की बातचीत फिर से सत्ता परिवर्तन के बाद रूस के साथ हो. हालांकि फिलहाल जर्मन सुरक्षा एजेंसियों ने रूसी सरकार की तरफ से इस समूह के प्रस्ताव पर किसी तरह के समर्थन या जवाब की बात नहीं मानी है. जर्मनी में तख्तापलट के इस षड्यंत्र के सामने आने से हड़कंप है. यह किसी विकसित देश में हिंसक तरीके और सैन्य ताकत के साथ सरकार बदलने की साजिश का हाल के दिनों में पहला मामला है. इस षड्यंत्र को लेकर अब भी जांच की कवायद जारी है. जर्मन सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इस मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद और भी धरपकड़ मुमकिन है.