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Homeअपना जौनपुरचुनावी रण में चेयरमैन की कुर्सी पर निशाना साध रहे उम्मीदवार

चुनावी रण में चेयरमैन की कुर्सी पर निशाना साध रहे उम्मीदवार

  • चुनाव को लेकर अपनी-अपनी उपलब्धियां गिनाने में हाफ रहें प्रत्याशी
  • जाति समीकरण के आधार पर चुवानी आकड़ा गिनाने में जुटे मतदाता

जौनपुर धारा / ज़ीशान हैदर, जौनपुर। नगर निकाय चुनाव अध्यक्ष पद के लिये समस्त दल व निर्दल प्रत्याशियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। चेयरमैन मतदान को लेकर मतदाता जगह-जगह चाय व पान की दुकानों से चर्चाओं में अपने-अपने प्रिय प्रत्याशी के लिये एक दुसरे को गलत साबित करने में जूटें हुए है। जिससे जनता के रूझान का पता चलता है कि किस प्रत्याशी के लिये किसके दिल में कितनी चाहत भरी है। वहीं चार कार्यकाल से लगातार चेयरमैन की कमान सम्भाले टण्डन परिवार ने इस बार भी चेयरमैन की कुर्सी पर विराजमान होने के लिये पूरी ताकत झोक दी है। नगर निकाय चुनाव को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। नगर पालिका चेयरमैन की कुर्सी के लिये समस्त दल व निर्दल प्रत्याशी ने अपना दम-खम आजमाना शुरू कर दिया है। वहीं आम चर्चाओं की मानें तो 4 कार्यकाल पूर्ण कर चुके दिनेश टण्डन व उनकी पत्नी वर्तमान बसपा प्रत्याशी माया टण्डन अपने लक्ष्य के काफी करीब है। हांलाकि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ही चेयरमैन के असली हकदार का चेहरा सामने आ सकता है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा, सपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित अन्य दल व निर्दल प्रत्याशी भी अपने-अपने भाग्य को आजमाने के लिये दल-बल के साथ चुनावी रण में युद्ध को तैयार है। सुबह सबेरे चाय के दुकानों पर चर्चा में देखने को मिल रहा है कि कई दलों के कार्यकर्ता ही पार्टी से नाखूश है। पिछने चुनावों की अपेक्षा इस बार दलों से बागी प्रत्याशी न होने के कारण सभी पार्टियां मजबूती से चुनाव जितने का दावा कर रहीं है। वैसे तो भाजपा व सपा से बागी प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल कर अपने-अपने दलों के दबाव में पर्चा वापस ले लिया है। जिस कारण चुनाव की कई स्थितियां साफ दिखाई पड़ रही है। मतदाता भी चेयरमैन पद के लिए जाति समीकरण के आधार पर वोटारों का रूझान गिनाने में जुटे हुए हैं तो सभी प्रत्याशी कम समय में सभी तक पहुँचकर अपनी प्राथमिकता गिनाने का प्रयास कर रहें है। कहीं चार बार से लगातार चेयरमैन पद विराजमान रहने वाले प्रत्याशी को मौका देने की तो कहीं परिवर्तन को लेकर आकड़े गिनायें जा रहें है। दलों में किस पार्टी का पलड़ा भारी है यह तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा। चुनाव में निवर्तमान चेयरमैन का किला तोड़ने के लिये सभी दल अपने-अपने कार्यकाल के गोल्डेन योजनाओं को गिनाने में लगी हैं तो सत्ता पक्ष ने भी चुनाव को अपने पक्ष में करने के लिये दम-खम झोंक रहीं है। इस समय मतदाताओं ने अपने नेता चुनाव का पहले से ही कर लिया है अब बस इन्तेजार है मतदान व मतगणना के दिन का। चेयरमैन तो केवल एक ही चूना जायेगा लेकिन अपनी किस्मत को आजमाने के लिये मैदान में कुल 9 लोगो ने अपना ताल ठोक दिया है।

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