मछलीशहर। तहसील क्षेत्र के किसानों की गेहूं की फसल पर नीलगाय आफत बने हुए हैं। किसान रात जाग करके गेहूं की फसल की रखवाली कर रहे हैं। बसुही नदी किनारे बसे भटेवरा, बामी, ऊंचडीह, अदारी, कठार, सेमरहो, रामगढ़, तिलौरा, अलापुर के किसान शाम होते ही टार्च और लाठी लेकर गेहूं के खेतों की ओर निकल जाते हैं और रात के दस ग्यारह बजे तक नदी किनारे ही अलाव जलाकर रहते हैं। क्षेत्र के किसान शेर बहादुर सिंह, प्रसिद्ध नारायण सिंह, भूपेंद्र सिंह, अरविंद उपाध्याय, सियाराम तिवारी, पीयूष सिंह, प्रेम चन्द्र प्रजापति, रामनारायण पाल, रमाशंकर यादव, जगलाल गौतम, मुन्ना गौतम, पोकई सरोज, रामकृपाल यादव, सुनील मौर्य, अम्बिका गौड़, गुलाब कन्नौजिया नीलगायों से परेशान हैं। बामी गांव के किसान शैलेन्द्र बताते हैं कि नीलगाय जितना गेहूं की फसल को चरते नहीं हैं। उससे ज्यादा सींचे गये खेतों में पैरों से कुचलकर गेहूं की फसल नष्ट कर रहे हैं। चरी फसल तो पनप जायेगी लेकिन पैरों से कुचली फसल कीचड़ में खत्म हो रहा है।
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गेहूं की फसल नीलगाय कर रहे चौपट, रात जाग कर हो रही रखवाली

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